Independence Day 2026: दिल्ली के लालकिले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ। इस भव्य आयोजन के माध्यम से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्ष पुरानी विरासत को याद किया गया। ‘वंदे मातरम’ के बाद 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एमआई-17 हेलीकॉप्टर ‘वंदे मातरम’ का झंडा लेकर आसमान में उड़ान भरते हुए नजर आए।
आजादी के बाद पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद लालकिले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गूंज रहा है। आज जब हम देश के लोग ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष मना रहे हैं, इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है। लालकिले की प्राचीर के सामने ज्ञानपथ पर ‘वंदे मातरम’ की आकृति भी बनाई गई, जिसमें सेना, नौसेना और वायुसेना के कैडेटों के अलावा ‘मेरा भारत’ के स्वयंसेवकों समेत कुल 2,500 लड़के और लड़कियों ने हिस्सा। वहीं, समारोह की थीम ‘विकसित भारत @2047’ को प्रदर्शित करने के लिए भी ज्ञानपथ पर विशेष दृश्य अवरोधक भी लगाए गए। स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लालकिले पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ औपचारिक रूप से गाया जाएगा, जो इसकी लंबे समय से चली आ रही विरासत के 150 साल पूरे होने का जश्न होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लालकिले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व कर रहे हैं।
Independence Day 2026: कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने लालकिले प्रांगण में पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। इसके बाद रक्षा सचिव ने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजेश सेठी का परिचय प्रधानमंत्री से कराया। इसके पश्चात दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को सलामी मंच तक लेकर गए, जहां पर तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के संयुक्त दल की ओर से प्रधानमंत्री को ‘जनरल सैल्यूट’ दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का निरीक्षण किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर पर तिरंगा झंडा फहराया।
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सहायता की। राष्ट्रगान के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई। ध्वजारोहण के साथ ही 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के बहादुर गनर्स की ओर से 21 तोपों की सलामी दी गई। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से सुसज्जित इस सेरेमोनियल बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली।
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