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कर्नाटक में RSS पर प्रियांक खड़गे के सवाल, नए सार्वजनिक संपत्ति बिल से बढ़ा विवाद

Karnataka News

Karnataka News: कर्नाटक में कांग्रेस सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच राजनीतिक टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS के कानूनी दर्जे और संगठन के रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि जब RSS औपचारिक रूप से रजिस्टर्ड संगठन नहीं है, तो उसकी गतिविधियों और कानूनी स्थिति को किस तरह देखा जाना चाहिए। इसी बीच कर्नाटक सरकार सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को लेकर नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। बीजेपी इसे RSS की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की कोशिश बता रही है, जबकि सरकार का कहना है कि प्रस्तावित कानून सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होगा।

RSS की कानूनी स्थिति पर खड़गे ने उठाए सवाल

प्रियांक खड़गे ने RSS से संगठन के कानूनी दर्जे, पदाधिकारियों, फंडिंग और टैक्स अनुपालन से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने जून 2026 में RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर भी ऐसे सवाल उठाए थे। खड़गे का कहना है कि किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने से पहले उसकी कानूनी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। वहीं RSS का पक्ष रहा है कि संगठन के लिए सोसायटी या किसी अन्य स्वरूप में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं है।

Karnataka News: आजादी की लड़ाई और दंगों को लेकर भी निशाना

खड़गे ने RSS की ऐतिहासिक भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान संगठन ने किस तरह योगदान दिया था। उन्होंने विभाजन के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों का जिक्र करते हुए भी RSS से उसकी भूमिका स्पष्ट करने को कहा। खड़गे ने आरोप लगाया कि संगठन की गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। RSS की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर राजनीतिक आरोप लगाए जाने की बात कही गई है।

क्या है कर्नाटक का नया सार्वजनिक संपत्ति बिल?

कर्नाटक कैबिनेट ने ‘द कर्नाटक रेगुलेशन ऑफ यूज ऑफ गवर्नमेंट प्रिमाइसेज एंड पब्लिक प्रॉपर्टी बिल, 2026’ पर चर्चा की है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को व्यवस्थित करना बताया गया है। इसके तहत सरकारी स्कूल, कॉलेज, मैदान और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम या गतिविधि आयोजित करने के लिए संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना जरूरी हो सकता है।

Karnataka News: BJP और कांग्रेस आमने-सामने

बीजेपी का आरोप है कि प्रस्तावित कानून के जरिए कांग्रेस सरकार RSS और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करना चाहती है। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि कानून किसी एक संगठन को निशाना बनाकर नहीं बनाया जा रहा, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम तय करना इसका उद्देश्य है। ऐसे में RSS के कानूनी दर्जे पर प्रियांक खड़गे के बयान और नए बिल को लेकर कर्नाटक में राजनीतिक बहस आने वाले दिनों में और तेज होने के आसार हैं।

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