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फतेहपुर PWD कार्यालय में उल्टा फहराया तिरंगा, अफसरों ने दी सलामी; वीडियो वायरल

Fatehpur

Fatehpur: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां पूरा देश राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया, वहीं उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से तिरंगे के अपमान का गंभीर मामला सामने आया है। यहां लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्माण खंड प्रांतीय खंड कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय ध्वज उल्टा फहरा दिया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसी उल्टे तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगान भी गाया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

केसरिया नीचे, हरा रंग ऊपर दिखा

बताया जा रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर PWD कार्यालय परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान तिरंगा इस तरह लगाया गया कि उसका केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर नजर आया। राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति पर किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी का ध्यान नहीं गया। सबसे गंभीर बात यह रही कि ध्वज की इस स्थिति के बावजूद कार्यक्रम आगे चलता रहा। मौजूद लोगों ने उल्टे तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगान में भी हिस्सा लिया। बाद में किसी व्यक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।

Fatehpur: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

ध्वजारोहण की तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर हुई इस चूक ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अधिशाषी अभियंता, निर्माण खंड प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग के कार्यालय परिसर से जुड़ा बताया जा रहा है।

फ्लैग कोड के पालन पर उठे सवाल

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके प्रदर्शन को लेकर भारतीय ध्वज संहिता में स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। इसके बावजूद सरकारी कार्यालय में तिरंगे को उल्टा फहराया जाना गंभीर लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और कार्यक्रम के दौरान मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब होता है या नहीं। फिलहाल यह मामला फतेहपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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