UMANG-DigiLocker: केंद्र सरकार डिजिटल सेवाओं को आम लोगों के लिए आसान और एक जगह उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है। इसी दिशा में UMANG और DigiLocker प्लेटफॉर्म्स का दायरा तेजी से बढ़ाया जा रहा है। 31 जुलाई तक UMANG पर 2,575 सेवाएं, जबकि DigiLocker पर 5,437 तरह के डॉक्यूमेंट्स और सर्विसेज जोड़ी जा चुकी हैं।
UMANG-DigiLocker: UMANG-DigiLocker पर क्या नया जुड़ा-
सरकार इन दोनों प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग विभागों और राज्यों की सेवाओं को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। हाल के विस्तार में बिजली बिल, फैमिली ID, आयुष्मान भारत PM-JAY कार्ड, कुछ राज्यों के एडमिट कार्ड और मार्कशीट जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट, TDS और ब्याज सर्टिफिकेट के साथ इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
UMANG-DigiLocker: UMANG में तेजी से बढ़ीं सेवाएं-
UMANG ऐप के जरिए लोगों को कई सरकारी सेवाएं एक ही जगह पर मिल रही हैं। इनमें आवेदन, बिजली बिल भुगतान, पेंशन, स्कॉलरशिप, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और EPFO क्लेम जैसी सेवाएं शामिल हैं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले फरवरी से जुलाई के बीच UMANG पर 129 नई सेवाएं जोड़ी गई हैं।
DigiLocker से दस्तावेज रखना हुआ आसान-
DigiLocker के जरिए लोग अपने जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं। मार्कशीट, सर्टिफिकेट और अन्य जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता से लोगों को बार-बार कागजी दस्तावेज साथ रखने की जरूरत कम होती है।
आम जनता को क्या होगा फायदा-
UMANG और DigiLocker का विस्तार होने से लोगों को अलग-अलग सरकारी वेबसाइट और कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में ज्यादा सेवाएं और दस्तावेज उपलब्ध होने से आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और सरकारी सेवाओं का इस्तेमाल आसान हो सकता है। सरकार का फोकस डिजिटल सेवाओं को ज्यादा व्यापक, सुविधाजनक और आम लोगों की पहुंच में लाने पर है।
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