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फ्लाइट में अचानक आया टर्बुलेंस, 24 घायल; नशीले पदार्थ की जांच में पायलट फेल, एयर इंडिया ने नौकरी से निकाला

Air India Pilot Sacked:

Air India Pilot Sacked: फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में 36,000 फीट की ऊंचाई पर तीनों हाइड्रोलिक प्रणालियों में लगभग एक साथ खराबी आने से विमान अचानक ऊपर-नीचे हुआ। इस घटना में 20 यात्रियों और केबिन क्रू के चार सदस्यों समेत कुल 24 लोग घायल हो गए।घटना की प्रारंभिक जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में मुख्य पायलट की नशीले पदार्थ संबंधी जांच ‘निगेटिव नहीं’ पाई गई। इसके बाद एयर इंडिया ने जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत पायलट को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है।

Air India Pilot Sacked: पायलट की जांच में मिला साइकोएक्टिव पदार्थ-

AAIB की रिपोर्ट सामने आने के बाद एयर इंडिया ने बताया कि फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड की जांच में एक साइकोएक्टिव पदार्थ पाया गया। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा, फिटनेस या नियमों के उल्लंघन के मामलों में उसकी जीरो-टॉलरेंस नीति है। इसी नीति के तहत पायलट की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, सह-पायलट की नशीले पदार्थ संबंधी जांच निगेटिव आई थी।

Air India Pilot Sacked: हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ आई खराबी-

AAIB की 10 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट AI 2379 जब 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी, तभी विमान की ‘ग्रीन’ हाइड्रोलिक प्रणाली में दबाव खत्म होने का संकेत मिला। इसके करीब चार सेकेंड बाद ‘ब्लू’ और ‘येलो’ हाइड्रोलिक प्रणालियों में भी दबाव खत्म होने की चेतावनी मिली। इसके तुरंत बाद ऑटोपायलट बंद हो गया और लगातार चेतावनी की घंटी बजने लगी। विमान में कुछ समय के लिए स्टॉल की चेतावनी भी मिली। इस दौरान विमान निर्धारित ऊंचाई से करीब 372 फीट ऊपर गया और फिर लगभग 292 फीट नीचे आ गया।

कुछ ही सेकेंड में सामान्य हुईं प्रणालियां-

घटना के दौरान सह-पायलट विमान उड़ा रहा था और उसने स्थिति संभालने की कोशिश की। इसके बाद मुख्य पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, ‘ब्लू’ हाइड्रोलिक प्रणाली कुछ ही सेकेंड में दोबारा काम करने लगी। इसके बाद ‘येलो’ और ‘ग्रीन’ सिस्टम भी सामान्य हो गए और उड़ान नियंत्रण से जुड़ी प्रणालियां फिर से काम करने लगीं। उस समय सीट बेल्ट का संकेत बंद था, जिसके कारण विमान के अचानक ऊपर-नीचे होने से यात्रियों और केबिन क्रू को चोटें आईं।

24 लोगों का हुआ इलाज-

फ्लाइट में तीन शिशुओं समेत कुल 137 यात्री, छह केबिन क्रू सदस्य और दो पायलट सवार थे। विमान ने 4 अगस्त को फुकेत से उड़ान भरी थी और घटना के बाद भी दिल्ली तक अपनी उड़ान जारी रखी। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान सुबह करीब 11 बजे सुरक्षित उतरा। इसके बाद एयरपोर्ट की मेडिकल टीम ने 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों का इलाज किया। इनमें से 20 लोगों को मामूली चोटें थीं और उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पायलट की रिपोर्ट का हाइड्रोलिक खराबी से संबंध नहीं-

AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है कि मुख्य पायलट की नशीले पदार्थ संबंधी जांच के नतीजे का हाइड्रोलिक सिस्टम की खराबी या विमान के अचानक ऊपर-नीचे होने से कोई संबंध था। AAIB ने कहा है कि घटना के तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है। जांचकर्ता हाइड्रोलिक सिस्टम की खराबी के साथ विमान के पुराने रखरखाव रिकॉर्ड और अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रहे हैं।

एयर इंडिया ने सभी पायलटों की जांच शुरू की-

एयर इंडिया ने कहा कि वह AAIB की जांच में पूरा सहयोग कर रही है और संचालन, रखरखाव तथा तकनीकी पहलुओं से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध करा रही है। एयरलाइन ने यह भी बताया कि घटना के बाद उसने अपने सभी पायलटों की नशीले पदार्थ संबंधी जांच स्वैच्छिक रूप से शुरू कर दी है। एयर इंडिया के मुताबिक, उसके पायलटों की नियमित दक्षता जांच, चिकित्सा जांच और अन्य नियामक आकलन भी किए जाते हैं

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