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BRICS Summit के बीच शी जिनपिंग के खिलाफ प्रदर्शन क्यों? दिल्ली में करीब 50 तिब्बती कार्यकर्ता हिरासत में

Xi Jinping India Visit: BRICS Summit के बीच भारत मंडपम के बाहर तिब्बत समर्थक कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, हाथों में तिब्बती झंडे और पोस्टर लेकर चीन के खिलाफ नारेबाजी; पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच शनिवार रात राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। BRICS शिखर सम्मेलन में शी की भागीदारी के विरोध में तिब्बत समर्थक कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चीन की तिब्बत नीति के खिलाफ नारे लगाए और तिब्बती झंडे व पोस्टर लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान “Xi Jinping = Genocide” लिखा बैनर भी दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका विरोध चीन की तिब्बत नीति और शी जिनपिंग के भारत दौरे के खिलाफ है।

भारत मंडपम के बाहर अचानक क्यों जुटे प्रदर्शनकारी?

जानकारी के मुताबिक, तिब्बती यूथ कांग्रेस और स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत (SFT) से जुड़े कार्यकर्ता भारत मंडपम की ओर पहुंचे थे। यहां उन्होंने चीन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और तिब्बत के समर्थन में पोस्टर-बैनर प्रदर्शित किए। BRICS Summit के चलते भारत मंडपम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से बेहद कड़ी है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों के वहां पहुंचने से सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।

Xi Jinping India Visit: करीब 50 कार्यकर्ता हिरासत में

प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने मौके से कई लोगों को हिरासत में लिया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ITO की तरफ से भारत मंडपम की ओर बढ़ने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोक लिया और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हिरासत में लिया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा बनाए रखने के लिए की गई।

शुक्रवार को भी हुआ था विरोध प्रदर्शन

यह पहली बार नहीं है जब शी जिनपिंग के दौरे के दौरान दिल्ली में तिब्बत समर्थक कार्यकर्ताओं ने विरोध किया हो। इससे पहले शुक्रवार को भी SFT से जुड़े तीन कार्यकर्ताओं को प्रगति मैदान के पास एक अंडरपास में हिरासत में लिया गया था। आरोप था कि उन्होंने वहां तिब्बती झंडे फहराकर विरोध प्रदर्शन किया था। यानी शी जिनपिंग के दिल्ली पहुंचने के साथ ही राजधानी में तिब्बत समर्थक समूहों की गतिविधियां भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

Xi Jinping India Visit
                                  Xi Jinping India Visit
Xi Jinping India Visit: शी जिनपिंग का दौरा क्यों है अहम?

शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर आए हैं। उनका यह दौरा BRICS शिखर सम्मेलन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BRICS के मंच पर चीन के राष्ट्रपति की मौजूदगी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में भारत मंडपम के बाहर हुआ यह प्रदर्शन कूटनीतिक और सुरक्षा दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सवाल: कड़ी सुरक्षा के बावजूद प्रदर्शनकारी यहां तक कैसे पहुंचे?

BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा घेरा भी मजबूत किया गया है। इसके बावजूद तिब्बत समर्थक प्रदर्शनकारियों का कार्यक्रम स्थल के बाहर तक पहुंचना एक सवाल जरूर खड़ा करता है कि सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों ने वहां तक पहुंचने का रास्ता कैसे बनाया? हालांकि, पुलिस ने समय रहते प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया।

Xi Jinping India Visit: BRICS के बीच तिब्बत का मुद्दा फिर सुर्खियों में

एक तरफ दिल्ली में भारत, चीन, रूस समेत BRICS देशों के नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राजधानी की सड़कों पर तिब्बत को लेकर चीन के खिलाफ विरोध देखने को मिला। अब नजर इस बात पर रहेगी कि शी जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान ऐसे प्रदर्शन आगे भी होते हैं या सुरक्षा एजेंसियां इन्हें पूरी तरह नियंत्रित कर पाती हैं।

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