LPU: पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में सितंबर के आखिरी सप्ताह में हुआ विवाद अब पुलिस जांच के केंद्र में है। सोशल मीडिया पर छात्रा से जुड़ा एक गंभीर दावा वायरल होने के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन हुआ और देखते ही देखते मामला पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। अब पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 7 छात्र और 2 बाहरी लोग बताए गए हैं। वहीं 20 लोगों को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस CCTV फुटेज, वायरल वीडियो और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
LPU में विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर छात्रा से जुड़ी एक गंभीर घटना के दावे से हुई। सोशल मीडिया पर ऐसी बातें प्रसारित हुईं कि यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के साथ गंभीर अपराध हुआ है और प्रशासन मामले को छिपा रहा है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन मैसेज और पोस्ट तेजी से फैलने लगे। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विरोध के लिए जुटे और मामला धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया।
LPU: अफवाह से विरोध प्रदर्शन हिंसा में कैसे बदला?
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ गई और कुछ लोगों ने पथराव किया। पुलिस और मीडिया से जुड़े लोगों को निशाना बनाए जाने तथा वाहनों को नुकसान पहुंचाने और आग लगाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस का कहना है कि इसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की गई। इस दौरान यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
छात्रा से जुड़े वायरल दावे की सच्चाई क्या है?
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ छात्रा से जुड़ा दावा है। TV9 की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में एक कथित छात्रा का वीडियो सामने आया, जिसमें वह खुद को सुरक्षित बताते हुए कहती दिखाई देती है कि उसके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई। हालांकि पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए वायरल दावों और वास्तविक घटनाक्रम के बीच अंतर को जांच पूरी होने तक सावधानी से देखना जरूरी है।
LPU: CCTV और डिजिटल सबूत से पुलिस को क्या मिला?
पुलिस ने हिंसा के दौरान के CCTV फुटेज, वायरल वीडियो और दूसरे डिजिटल सबूतों को जांच का आधार बनाया है। इसी प्रक्रिया में यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शित MiG-23UM फाइटर जेट पर चढ़े एक शख्स की भी पहचान हुई। पुलिस के अनुसार वह LPU का नाबालिग छात्र है और उसे हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि CCTV और उपलब्ध डिजिटल जानकारी के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।
9 गिरफ्तार और 20 लोग नामजद, किस आधार पर कार्रवाई?
पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 7 LPU छात्र और 2 बाहरी लोग शामिल हैं। जांच के दौरान कुल 20 लोगों को मामले में नामजद किया गया है। पुलिस अलग-अलग आरोपों में उनकी भूमिका की जांच कर रही है, जिसमें पथराव, तोड़फोड़, आगजनी और पुलिस पर हमले जैसी घटनाएं शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बाकी आरोपियों की तलाश के लिए भी पुलिस टीमें काम कर रही हैं।
LPU: अब आगे क्या होगा?
LPU मामले में जांच अभी जारी है। पुलिस का फोकस केवल गिरफ्तार लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने पर भी है कि हिंसा के दौरान किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और सोशल मीडिया पर वायरल हुए दावों को किस तरह फैलाया गया। पंजाब की एक अन्य यूनिवर्सिटी, चितकारा यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में भी सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर छात्रों को गुमराह करने के आरोप में दो गिरफ्तारियां हुई हैं। ऐसे में LPU मामले की जांच में सोशल मीडिया कंटेंट और डिजिटल सबूत भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।









