Amit Shah: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 2 अक्टूबर की रात भोपाल पहुंचेंगे। करीब 23 घंटे के इस दौरे में उनका कार्यक्रम कई अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ा है। सबसे बड़ा आयोजन 3 अक्टूबर को भेल दशहरा मैदान में होने वाला राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन है, जिसमें 35 हजार से अधिक गोपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों के शामिल होने की जानकारी है। इसके अलावा डेयरी परियोजनाओं, नए आपराधिक कानूनों और IISER से जुड़े कार्यक्रम भी उनके दौरे का हिस्सा हैं।
35 हजार गोपालकों का सम्मेलन क्यों खास?
शाह के दौरे का सबसे बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम गोपालक सम्मेलन होगा। इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पशुपालक और दुग्ध सहकारी समितियों के सदस्य पहुंचेंगे। कार्यक्रम में पशुपालकों को बोनस राशि, गौशालाओं के लिए सहायता और उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों के सम्मान का कार्यक्रम रखा गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो इतना बड़ा सम्मेलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन से जुड़े मतदाता समूहों के बीच सरकार की योजनाओं और सहकारिता मॉडल को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बनता है। हालांकि उपलब्ध कार्यक्रम में इसे सरकारी योजनाओं और लाभ वितरण केंद्रित आयोजन के तौर पर रखा गया है।
Amit Shah: डेयरी सेक्टर पर बड़ा फोकस
भोपाल दौरे में डेयरी क्षेत्र को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। शाह भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार करीब 16.80 करोड़ रुपये के फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे। इसकी प्रतिदिन करीब 40 हजार लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता बताई गई है। यहां दूध के साथ दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसका मकसद सांची ब्रांड को केवल तरल दूध तक सीमित रखने के बजाय दूसरे दुग्ध उत्पादों का उत्पादन और बाजार बढ़ाना बताया गया है।
उज्जैन की 255 करोड़ की परियोजना भी एजेंडे में
दौरे में उज्जैन में प्रस्तावित करीब 255 करोड़ रुपये की डेयरी परियोजना भी शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक शाह भोपाल से इसका डिजिटल भूमिपूजन करेंगे। परियोजना का उद्देश्य दूध के प्रसंस्करण और विभिन्न दुग्ध उत्पादों की क्षमता बढ़ाना है। यानी शाह के कार्यक्रम में केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि प्रदेश के डेयरी और सहकारिता ढांचे को विस्तार देने वाली परियोजनाओं को भी प्रमुखता दी गई है।
Amit Shah: नए आपराधिक कानूनों पर भी फोकस
गृह मंत्री के दौरे का एक अहम हिस्सा नए आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी है। भेल दशहरा मैदान में पुलिस मुख्यालय की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का शाह उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसमें नए आपराधिक कानूनों और पुलिस व्यवस्था में हुए बदलावों को प्रदर्शित किया जाएगा। गृह मंत्री के तौर पर यह कार्यक्रम उनके मंत्रालय से सीधे जुड़ा हुआ है और नए कानूनों के बारे में राज्य स्तर पर किए जा रहे जागरूकता प्रयासों को सामने रखता है।
IISER से लेकर विकास परियोजनाओं तक
अमित शाह भोपाल के भौंरी क्षेत्र में IISER के अत्रि परिसर से जुड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। यहां परिसर की आधारशिला रखने और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण प्रस्तावित है। कार्यक्रम में सड़क और अन्य विकास परियोजनाओं से जुड़े आयोजन भी शामिल बताए गए हैं। इस तरह दौरे का दायरा पशुपालन और सहकारिता से निकलकर शिक्षा, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे तक फैला हुआ है।
Amit Shah: MP की राजनीति में क्यों बन रहा चर्चा का विषय?
अमित शाह का भोपाल दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रदेश की राजनीति में बड़े नेताओं के दौरे चर्चा में हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, शाह के भोपाल पहुंचने से ठीक पहले राहुल गांधी का बालाघाट दौरा भी हुआ है। ऐसे में दोनों नेताओं के लगातार प्रदेश दौरे को राजनीतिक तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि शाह के घोषित कार्यक्रमों में मुख्य जोर गोपालक सम्मेलन, डेयरी और सहकारिता परियोजनाओं, नए आपराधिक कानूनों तथा उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर है। इसलिए इस दौरे का वास्तविक राजनीतिक असर इन कार्यक्रमों के बाद सामने आने वाले संदेशों और प्रतिक्रियाओं से स्पष्ट होगा।









