Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी ने अमतला स्थित अपने पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद भाजपा और पश्चिम बंगाल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में पुलिस ने कानून का पालन करने के बजाय कानून तोड़ने का काम किया। अभिषेक ने कहा कि उनके कार्यालय से लैपटॉप, प्रिंटर, फर्नीचर और जरूरी दस्तावेज उठा लिए गए, जिसे उन्होंने “पुलिस की वर्दी में चोरी” बताया।
Abhishek Banerjee: कोलकाता हाईकोर्ट ने तोड़-फोड़ पर लगाई रोक-
शनिवार को जिला प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण का हवाला देते हुए कार्यालय के अगले हिस्से पर बुलडोजर चलाया था। हालांकि रविवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
Abhishek Banerjee: सोशल मीडिया पर साझा किया वीडियो-
अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने मिलकर उनके कार्यालय से सामान हटाया। उन्होंने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद यह कार्रवाई की गई।
अभिषेक बनर्जी की 6 बड़ी बातें-
- कार्यालय कानूनी तरीके से खरीदी गई जमीन पर सभी मंजूरियों के साथ बनाया गया था।
- टीएमसी इस मामले में पहले हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
- पार्टी ने कथित तोड़फोड़ के वीडियो भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के OSD को भेजे हैं।
- वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- भाजपा नेताओं को किसी को बचाने की गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए, कानून अपना काम करेगा।
- चुनाव से पहले अन्नपूर्णा भंडार योजना थी, अब भाजपा का “बुलडोजर मॉडल” दिखाई दे रहा है।
प्रशासन का पक्ष भी आया सामने-
जिला प्रशासन के अनुसार, कार्यालय के खिलाफ अवैध निर्माण की शिकायतें मिली थीं। 15 जुलाई को नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को सुनवाई के लिए बुलाया गया था, लेकिन दो नोटिसों का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर कार्यालय बना है, वह कथित तौर पर ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नाम की कंपनी के नाम पर खरीदी गई थी। जमीन के स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।
क्यों अहम है अमतला का यह कार्यालय-
अमतला स्थित यह कार्यालय डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहीं से संगठनात्मक बैठकों, जनसंपर्क और चुनावी रणनीतियों का संचालन होता रहा है। टीएमसी का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है, जबकि प्रशासन इसे अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई बता रहा है।
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