Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI171 विमान हादसे के पीड़ित परिवारों ने अब हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग तेज कर दी है। परिवारों ने ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने, दुर्घटनास्थल पर स्थायी स्मारक बनाने और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की अपील की है। उनका आरोप है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं कर रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों पर सवाल बने हुए हैं।
ब्लैक बॉक्स डेटा छिपाने के आरोप, जांच पर उठे सवाल
हादसे में जान गंवाने वाले एक यात्री के रिश्तेदार रोमिन वोहरा ने कहा कि AAIB ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में स्पष्ट किया है कि ब्लैक बॉक्स का रॉ डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा और केवल अंतिम जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब दुनिया के कई बड़े विमान हादसों में ब्लैक बॉक्स का डेटा जांच रिपोर्ट के साथ सार्वजनिक किया जाता है, तो इस मामले में गोपनीयता क्यों बरती जा रही है। परिवारों का कहना है कि वे हादसे की पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं और जांच एजेंसी की पारदर्शिता पर भरोसा चाहते हैं।
Ahmedabad Plane Crash: तकनीकी खराबी या पायलट की गलती? परिवारों ने मांगा पूरा सच
पीड़ित परिवारों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि शुरुआती दौर में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) से जुड़ी कुछ जानकारी सार्वजनिक हो सकती थी, तो अब पूरा आधिकारिक डेटा साझा करने में क्या बाधा है। उनका आरोप है कि जांच एजेंसी केवल चुनिंदा जानकारियां जारी कर रही है और इससे यह आशंका पैदा होती है कि कहीं किसी विशेष निष्कर्ष को स्थापित करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। परिवारों ने मांग की कि अंतिम रिपोर्ट के साथ ब्लैक बॉक्स का पूरा डेटा भी सार्वजनिक किया जाए ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके।
दुर्घटनास्थल पर स्मारक बनाने की भी उठी मांग
पीड़ित परिवारों ने केंद्र सरकार, टाटा समूह और एयर इंडिया से दुर्घटनास्थल पर स्थायी स्मारक बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्थान उन लोगों की याद में श्रद्धांजलि स्थल होना चाहिए जिन्होंने इस भीषण हादसे में अपनी जान गंवाई। उल्लेखनीय है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी, जबकि केवल एक यात्री जीवित बचा था। मामले की स्वतंत्र जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है और सरकार ने अक्टूबर 2026 तक अंतिम रिपोर्ट तैयार होने की जानकारी दी है।
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