Araria News: अररिया जिले के नेपाल सीमा क्षेत्र में नील गाय का तांडव किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। नरपतगंज और रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में नील गाय लगातार फसल को नुकसान पहुँचा रही है, जिससे किसानों की मेहनत और आर्थिक स्थिति पर संकट गहराता जा रहा है।
किसानों का संघर्ष
किसान ठंड के मौसम में अपनी लहलहाती फसलों जैसे मक्का, टमाटर और फूलगोभी को नील गाय से बचाने के लिए हाथों में लाठी लेकर अपनी जमीन की सुरक्षा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल की खुली सीमा के रास्ते नील गाय भरगामा, नरपतगंज और खजुरी पंचायतों में प्रवेश कर उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद कर देती हैं। एक किसान ने बताया कि कर्ज लेकर हमने मेहनत की थी, लेकिन नील गाय ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब न सिर्फ फसलें चली गई हैं, बल्कि कर्ज चुकाने का दबाव भी बढ़ गया है।
Araria News: प्रशासन की भूमिका पर सवाल
किसानों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कई बार इस समस्या की जानकारी जनप्रतिनिधियों तक पहुँचाई, लेकिन सांसद और विधायक से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। नरपतगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक देवयंती देवी ने कहा कि यह समस्या पहले नहीं थी, लेकिन अब किसानों ने उन्हें अवगत कराया है। उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या के समाधान को लेकर बात करने का भरोसा दिया। वहीं नील गाय का लगातार बढ़ता खतरा केवल खेती ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन और सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि उनकी फसलों और जीवन को सुरक्षित रखा जा सके।
Report By: अरुण कुमार








