Ayodhya: अयोध्या की प्रसिद्ध सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी एक बार फिर राजनीतिक और धार्मिक बहस के केंद्र में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने संबंधी बयान के बाद अब हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने वाली बातें कही हैं, वे तथ्यों पर आधारित हैं और इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।
52 बीघा परिसर से सटे स्थान पर हुई थी नमाज- राजू दास
महंत राजू दास ने कहा कि हनुमानगढ़ी का पूरा परिसर लगभग 52 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है। उनके अनुसार, नमाज मंदिर के मुख्य परिसर के भीतर नहीं, बल्कि निकास द्वार से सटे आश्रम के पास अदा की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय के राजनीतिक नेतृत्व के निर्देश पर ऐसा हुआ था। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या अन्य सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किए।
Ayodhya: बृजभूषण सिंह और शंकराचार्य के बयान पर जताई असहमति
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के दावों को गलत बताए जाने पर महंत राजू दास ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए और भ्रम की स्थिति नहीं बननी चाहिए। वहीं, शंकराचार्य के बयान पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस विषय को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।
विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग
हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब धार्मिक दायरे से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद विभिन्न संतों, नेताओं और राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह विवाद आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक विमर्श में महत्वपूर्ण मुद्दा बना रह सकता है।
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