West Bengal Politics: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की चुनावी हार के बाद उनके करीबी अधिकारियों और सलाहकारों ने एक-एक कर अपने पदों से इस्तीफा देना शुरू कर दिया है।
अभिरूप सरकार ने नैतिक आधार पर दिया इस्तीफा
अर्थशास्त्री अभिरूप सरकार ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति राजनीतिक थी और अब जब ममता बनर्जी चुनाव हार गई हैं, तो उनके पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने बंगाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (डब्ल्यूबीआईडीसी) और पश्चिम बंगाल स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (डब्ल्यूबीएसआईडीसी) के अध्यक्ष थे ,और अध्यक्ष पद से इस्तीफा सौंप दिया।
West Bengal Politics: अलापन बंद्योपाध्याय ने भी छोड़ा पद
पूर्व मुख्य सचिव अलापन बंद्योपाध्याय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव को अपना इस्तीफा भेजा। गौरतलब है कि वे पहले भी केंद्र और राज्य सरकार के बीच विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे थे और बाद में ममता बनर्जी के मुख्य सलाहकार बनाए गए थे।
एचके द्विवेदी और मनोज पंत का भी इस्तीफा
सूत्रों के मुताबिक, एचके द्विवेदी और मनोज पंत जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने पद छोड़ दिए हैं। इसके अलावा सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग में कार्यरत एक मीडिया सलाहकार ने भी इस्तीफा सौंप दिया है।
West Bengal Politics: एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने भी दिया इस्तीफा
राज्य के एडवोकेट जनरल किशोर दत्त ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया है। वे दिसंबर 2023 से इस पद पर थे और इससे पहले भी इस जिम्मेदारी को संभाल चुके थे।
ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार
इन इस्तीफों के बीच ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से साफ इनकार किया है। उन्होंने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।टीएमसी की हार के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तेजी से हो रहे बदलावों को बंगाल की राजनीति में बड़े परिवर्तन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
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