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कम पानी पीने से भी आ सकती है मुंह से बदबू? जानें डिहाइड्रेशन और सांसों की दुर्गंध का कनेक्शन

Dehydration and Bad Breath:

Dehydration and Bad Breath: मुंह से बदबू आने की समस्या सिर्फ दांतों या मसूड़ों की वजह से नहीं होती। शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी सांसों की दुर्गंध बढ़ा सकता है। जानिए इसका कारण और बचाव के आसान तरीके। क्या आपको दांतों को अच्छी तरह साफ करने और रोजाना ब्रश करने के बावजूद सांसों से बदबू आने की शिकायत रहती है? अगर हां, तो इसकी वजह सिर्फ दांतों या मसूड़ों से जुड़ी समस्या नहीं हो सकती। कई बार शरीर में पानी की कमी भी मुंह की दुर्गंध का कारण बन सकती है।

देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट और डेंटल सर्जन डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, लंबे समय तक बाहर रहने, ज्यादा पसीना आने या दिनभर व्यस्त रहने के कारण लोग पर्याप्त पानी नहीं पी पाते। इससे मुंह में सूखापन बढ़ सकता है और सांसों से बदबू आने की समस्या हो सकती है।

Dehydration and Bad Breath: क्या पानी की कमी से मुंह से बदबू आती है-

डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के मुताबिक, लार मुंह को नम रखने के साथ-साथ भोजन के छोटे कणों और बैक्टीरिया को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो लार का उत्पादन कम हो सकता है। इससे मुंह सूखने लगता है और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। मुंह में लार एक तरह से नेचुरल क्लीनिंग सिस्टम का काम करती है। यह भोजन के अवशेषों को हटाने और बैक्टीरिया को नियंत्रित करने में मदद करती है। लार कम होने पर जीभ और मुंह में बैक्टीरिया व भोजन के कण जमा हो सकते हैं, जिससे सांसों की दुर्गंध बढ़ सकती है।

Dehydration and Bad Breath: इन संकेतों से पहचानें शरीर में पानी की कमी-

अगर आपको बार-बार प्यास लगती है, मुंह चिपचिपा या सूखा महसूस होता है और पेशाब का रंग सामान्य से ज्यादा गहरा दिखाई देता है, तो यह शरीर में पानी की कमी का संकेत हो सकता है। डिहाइड्रेशन के दौरान थकान, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ लेना जरूरी है।

रिसर्च में भी सामने आया डिहाइड्रेशन और बदबू का कनेक्शन-

साल 2021 में Journal of Oral Medicine and Pain में प्रकाशित एक स्टडी में डिहाइड्रेशन और मुंह की दुर्गंध के बीच संबंध की बात सामने आई थी। शरीर में पानी की कमी होने पर लार का उत्पादन घट सकता है। लार की कमी से मुंह की प्राकृतिक सफाई प्रभावित होती है, जिससे जीभ पर मैल जमा होने और दुर्गंध पैदा करने वाली गैसों की मात्रा बढ़ने की संभावना रहती है। रिसर्च में डिहाइड्रेशन की स्थिति में सांसों की दुर्गंध का स्तर सामान्य या पर्याप्त पानी पीने की स्थिति की तुलना में अधिक पाया गया।

क्या ज्यादा पानी पीने से सांसों की बदबू दूर हो सकती है-

अगर सांसों की बदबू की मुख्य वजह डिहाइड्रेशन और मुंह का सूखापन है, तो पर्याप्त पानी पीने से इसमें सुधार हो सकता है। हालांकि, हर बार सांसों की बदबू के पीछे पानी की कमी ही जिम्मेदार नहीं होती। मसूड़ों की बीमारी, दांतों में कैविटी, जीभ पर बैक्टीरिया की परत, मुंह का संक्रमण और कुछ पाचन संबंधी समस्याएं भी सांसों की दुर्गंध का कारण बन सकती हैं। इसलिए लंबे समय तक समस्या बनी रहने पर सिर्फ पानी पीने पर निर्भर रहना सही नहीं है।

सांसों की बदबू से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें-

डॉ. लोकेश बहादुर सिंह के अनुसार, सांसों की दुर्गंध से बचने के लिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहना चाहिए। बहुत ज्यादा प्यास लगने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा:

– दिन में दो बार दांतों को अच्छी तरह ब्रश करें।
– रोजाना जीभ की सफाई करें।
– मुंह में ज्यादा सूखापन महसूस होने पर लंबे समय तक मुंह खुला रखने से बचें।
– चाय, कॉफी और अन्य कैफीन युक्त ड्रिंक का जरूरत से ज्यादा सेवन न करें।
– ओरल हाइजीन का नियमित रूप से ध्यान रखें।

कब डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए-

अगर पर्याप्त पानी पीने और ओरल हाइजीन का ध्यान रखने के बावजूद लंबे समय तक सांसों की बदबू बनी रहती है, तो डेंटिस्ट से जांच करवाना बेहतर है।खासकर अगर मसूड़ों से खून आता है, दांतों में दर्द रहता है, मुंह लगातार सूखता है, निगलने में परेशानी होती है या मुंह में घाव हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

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