Delhi-Dehradun-Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लोग जहां इस मार्ग पर फर्राटा भरने के इरादे लिए बैठे हैं तो वहीं परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए स्पीड़ लिमिट तय करने के साथ ही कई दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।
नियमों का पालन न करने पर चुकाना पड़ेगा जुर्माना
बहु प्रतिक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण कर दिया। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद अब लोगों को ‘दिल्ली दूर नहीं’ वाली कहावत चरितार्थ होती दिख रही है। भले ही लोगों के लिए अब दिल्ली दूर नहीं है, लेकिन एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने से पहले नियमों को जान लेना भी जरूरी है। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
Delhi-Dehradun-Expressway: स्पीड के साथ सुरक्षा भी जरूरी
करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है। अब दिल्ली से देहरादून की दूरी लगभग ढाई घंटे में तय की जा सकेगी, लेकिन इसके लिए तय नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
रुकना, मोड़ना और गलत दिशा में चलना मना
एक्सप्रेसवे पर कहीं भी गाड़ी रोकना, यू-टर्न लेना या गलत दिशा में चलना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यात्रियों को पहले से अपना एंट्री और एग्जिट प्वाइंट तय करना होगा। नियम तोड़ने वालों पर लगे एनपीआर कैमरों के जरिए तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

Delhi-Dehradun-Expressway: लेन और ड्राइविंग नियम
बायीं लेन: भारी वाहन
बीच की लेन: सामान्य वाहन
दायीं लेन: ओवरटेक के लिए
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना भी सख्त मना है।
वन्यजीव क्षेत्र में विशेष सावधानी
एक्सप्रेसवे का हिस्सा राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से होकर गुजरता है, जो एक महत्वपूर्ण वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है। यहां हॉर्न बजाना प्रतिबंधित है और वाहन चालकों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।
Delhi-Dehradun-Expressway: आशारोड़ी क्षेत्र में धीमी रखें रफ्तार
देहरादून में प्रवेश करते समय आशारोड़ी के पास तीव्र ढलान है, जहां अक्सर हादसे होते हैं। परिवहन विभाग ने यहां विशेष रूप से धीमी गति से वाहन चलाने की सलाह दी है।
इमरजेंसी में क्या करें
अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर फिलहाल सीमित सुविधाएं हैं, इसलिए यात्रा शुरू करने से पहले वाहन के टायर और ईंधन की जांच जरूर कर लें। किसी आपात स्थिति में वाहन को किनारे लगाकर पेट्रोलिंग टीम या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। दुर्घटना होने पर घायलों की मदद करना भी जिम्मेदारी बताई गई है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने सफर को तेज और आसान बना दिया है, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। सुरक्षित और नियमों के तहत यात्रा ही इस आधुनिक कॉरिडोर का सही लाभ दिला सकती है।
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