Delhi News: दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन साइकिल खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी के बीच जमकर टकराव देखने को मिला। 10 अगस्त को AAP के छह विधायक छात्राओं को बांटे जाने वाली साइकिलों की खरीद में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन करने सदन पहुंचे। विधायकों ने ऐसी टी-शर्ट पहन रखी थी, जिन पर ‘साइकिल घोटाला’ और ‘आशीष सूद इस्तीफा दो’ लिखा था। विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने इसे सदन की कार्यवाही में अनुशासनहीनता माना और हंगामे के बीच छह विधायकों को मार्शल आउट करा दिया।
साइकिल खरीद में भ्रष्टाचार का AAP का आरोप
AAP विधायकों का आरोप है कि छात्राओं को वितरित की जाने वाली करीब 1.30 लाख साइकिलों की खरीद में सरकार ने तय कीमत से अधिक भुगतान किया है। पार्टी का दावा है कि जिस साइकिल की कीमत बाजार में करीब 4,200 रुपये बताई जा रही है, उसकी खरीद करीब 6,957 रुपये प्रति साइकिल की दर से की गई। AAP ने सवाल उठाया कि प्रति साइकिल करीब 3,000 रुपये अधिक भुगतान क्यों किया गया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि साइकिलें सीधे निर्माता कंपनी से खरीदने के बजाय एक निजी कंपनी के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया के जरिए खरीदी गईं। AAP नेताओं ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
Delhi News: टी-शर्ट को लेकर सदन में बढ़ा विवाद
विधानसभा में संजीव झा, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, प्रेम कुमार, सोम दत्त और अजय दत्त इसी मुद्दे को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन करते नजर आए। टी-शर्ट पर लिखे संदेश को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। इस दौरान बीजेपी विधायक मोहन सिंह बिष्ट और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने भी विरोध दर्ज कराया। हंगामा बढ़ने के बाद अध्यक्ष के निर्देश पर मार्शलों को बुलाया गया और छह AAP विधायकों को सदन से बाहर कर दिया गया।
AAP ने मांगा जवाब, कहा- बेटियों की योजना में भ्रष्टाचार गंभीर
मार्शल आउट किए गए विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि 1.30 लाख साइकिलों की खरीद में प्रति साइकिल इतनी अधिक कीमत क्यों चुकाई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अतिरिक्त रकम आखिर किसके पास गई। विधायक संजीव झा ने कहा कि योजना का उद्देश्य छात्राओं को सुविधा देकर उन्हें शिक्षा से जोड़ना है। ऐसे में यदि खरीद प्रक्रिया में अनियमितता हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। AAP ने पूरे मामले में सरकार से जवाब और जांच की मांग दोहराई है।
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