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पश्चिम बंगाल: फलता विधानसभा सीट पर भाजपा का दबदबा, वोटों की गिनती में देबांग्शु पांडा सबसे आगे

पश्चिम बंगाल की फलता सीट पर मतगणना जारी

Falata Election Result: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान के बाद आज वोटों की गिनती जारी है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। छठे राउंड की गिनती तक वह 19 हजार से अधिक वोटों से आगे चल रहे हैं।इस सीट पर दूसरे स्थान पर CPIM के उम्मीदवार शंभू नाथ कुर्मी बने हुए हैं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल रजाक मोल्ला तीसरे नंबर पर चल रहे हैं।

दोबारा मतदान के बाद सामने आए नतीजे

फलता सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया था। इससे पहले 29 अप्रैल को यहां मतदान हुआ था, लेकिन चुनाव के दौरान कई गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग ने पूरे मामले की जांच करवाई और बाद में दोबारा वोटिंग कराने का फैसला लिया था।अब आज इस पुनर्मतदान के नतीजे घोषित किए जा रहे हैं।

Falata Election Result: पश्चिम बंगाल की फलता सीट पर मतगणना जारी
पश्चिम बंगाल की फलता सीट पर मतगणना जारी

पुनर्मतदान में हुआ था भारी मतदान

21 मई को हुए दोबारा मतदान में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फलता सीट पर 86 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई थी, जिसे काफी अच्छा मतदान प्रतिशत माना जा रहा है।इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान सबसे ज्यादा चर्चा में रहे थे। हालांकि पुनर्मतदान से पहले ही उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया था।इसके बावजूद उनका नाम ईवीएम में उम्मीदवार के तौर पर मौजूद रहा। पार्टी ने भी इसे उनका निजी फैसला बताया था।

तीन उम्मीदवारों के बीच बना मुख्य मुकाबला

हालांकि इस सीट पर आधिकारिक रूप से छह उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन जहांगीर खान के पीछे हटने के बाद मुकाबला मुख्य रूप से तीन प्रत्याशियों के बीच माना गया। इनमें बीजेपी के देबांग्शु पांडा, कांग्रेस के अब्दुल रजाक मोल्ला और CPIM के शंभू नाथ कुर्मी शामिल हैं।

Falata Election Result: मतदान के बाद बढ़ा था विवाद

29 अप्रैल को हुए पहले मतदान के बाद इस निर्वाचन क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी। कई बूथों से शिकायतें मिली थीं कि ईवीएम मशीनों पर इत्र जैसी चीजें और चिपकने वाली टेप लगाई गई थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कई मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई थी। इसके बाद बूथ अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों, मतदान कर्मियों और चुनाव पर्यवेक्षकों की भूमिका पर भी सवाल उठे।इन सभी मामलों की जांच के बाद चुनाव आयोग ने सभी बूथों पर पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया था।