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ममता बनर्जी का हाई कोर्ट जाना ‘ड्रामा’, स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ का समर्थन : हुमायूं कबीर

Humayu Kabir:

Humayu Kabir: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव बाद हिंसा और स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव के बाद कथित हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट जाने के फैसले को “कोरा नाटक” बताया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश की पहचान और मातृभूमि के सम्मान का प्रतीक है।

चुनाव बाद हिंसा के दावों पर उठाए सवाल

हुमायूं कबीर ने चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस बार राज्य में ऐसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने के लिए इस मुद्दे को उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कई हिंसक घटनाएं हुई थीं और कई लोगों की जान गई थी, लेकिन उस समय इन मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया। कबीर ने कहा कि अब उन्हीं घटनाओं को भुलाकर नई राजनीतिक कहानी बनाई जा रही है।

Humayu Kabir: हाई कोर्ट जाना सिर्फ राजनीतिक नाटक

कबीर ने ममता बनर्जी के हाई कोर्ट जाने के फैसले को राजनीतिक ड्रामा करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य केवल जनता का ध्यान आकर्षित करना है। उनके मुताबिक चुनाव के बाद किसी प्रकार की व्यापक हिंसा नहीं हुई और न ही किसी को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में कानून-व्यवस्था की समस्या होती तो उसके स्पष्ट प्रमाण सामने आते। कबीर ने आरोप लगाया कि जनता की सहानुभूति पाने के लिए इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।

स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गाने का समर्थन

हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के उस ऐलान का भी समर्थन किया, जिसमें राज्य के स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति और मातृभूमि के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पहले भी स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ गाया जाता रहा है। ऐसे में इस पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कबीर ने कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

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