Israel-US News : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने अमेरिका की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ पर ट्रंप को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया में आजादी और लोकतंत्र की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है और इजरायल दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को बेहद महत्व देता है।

दोनों नेताओं ने जल्द ही अमेरिका में आमने-सामने मुलाकात करने पर भी सहमति जताई। हालांकि, इस बैठक की तारीख और स्थान को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
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हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से नेतन्याहू की आलोचना भी की थी। इसकी वजह लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई बताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस संघर्ष का असर ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता पर पड़ सकता है। इस बीच ईरान के साथ प्रस्तावित 14-पॉइंट समझौते (MoU) को लेकर भी बातचीत जारी है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, 1 जुलाई को दोहा में कतर और पाकिस्तान ने अमेरिका तथा ईरान के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात की।
इन बैठकों में समझौते से जुड़े कई मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई। प्रवक्ता ने बताया कि सभी पक्षों ने बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। अगली बैठक ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के बाद जल्द आयोजित किए जाने की उम्मीद है।
हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी
वहीं, 1 जुलाई को इजरायल ने साफ कर दिया था कि लेबनान के साथ युद्धविराम लागू होने के बावजूद हिज्बुल्लाह के खिलाफ उसका सैन्य अभियान जारी रहेगा। इजरायल की उप-विदेश मंत्री शेर्रेन हैस्केल ने कहा कि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह अब भी देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि जब तक संगठन के हथियार पूरी तरह नहीं हटाए जाते और वह इजरायल पर हमले बंद नहीं करता, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि हिज्बुल्लाह की सैन्य ताकत को खत्म करना सिर्फ इजरायल ही नहीं, बल्कि लेबनान के हित में भी है। उनके मुताबिक, इसी से क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित की जा सकती है।
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Written By : Kanishka








