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ममता के 17 बागी सांसदों को BJP में एंट्री नहीं, शमिक भट्टाचार्य ने बताया कारण

Mamata rebel MPs BJP:

Mamata rebel MPs BJP: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का हिस्सा बने सांसदों को लेकर सियासी हलचल तेज है। कूचबिहार से सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने दावा किया था कि दुर्गा पूजा से पहले या बाद में 17 बागी सांसद एक साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, भाजपा ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

Mamata rebel MPs BJP: भाजपा ने 17 बागी सांसदों से क्यों बनाई दूरी-

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ किया कि TMC या NCPI से किसी भी सांसद को भाजपा में शामिल कराने की पार्टी की कोई योजना नहीं है। भट्टाचार्य ने कहा कि केवल भाजपा में शामिल होने की इच्छा रखने वाले किसी व्यक्ति को पार्टी में जगह नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता टीएमसी शासन के दौरान इन नेताओं द्वारा किए गए कथित अत्याचारों को नहीं भूली है। सिर्फ पार्टी का झंडा बदल लेने से पुराने आरोप खत्म नहीं हो जाएंगे।

Mamata rebel MPs BJP: तीन मुस्लिम सांसदों ने पहले ही किया किनारा-

इस सियासी घटनाक्रम में तीन मुस्लिम सांसदों यूसुफ पठान, अबू ताहेर खान और खलीलुर रहमान ने पहले ही भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया है। अबू ताहेर खान ने स्पष्ट कहा कि वह किसी भी स्थिति में भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इसके बाद बाकी बागी सांसदों के एक साथ भाजपा में जाने की अटकलें तेज हुई थीं। दावा किया जा रहा था कि 17 सांसदों के एक साथ दल-बदल से दलबदल कानून से बचने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, भाजपा के इनकार से इस संभावित योजना को झटका लगा है।

कार्यकर्ताओं और कोर वोटबैंक की नाराजगी का डर-

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा ने बंगाल में अपने दम पर मुख्य विपक्षी दल के तौर पर मजबूत स्थिति बनाई है। ऐसे में टीएमसी के उन्हीं नेताओं को पार्टी में शामिल करना, जिनके खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष करते रहे हैं, जमीनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा कर सकता है। पार्टी के कोर वोटबैंक पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। माना जा रहा है कि इसी वजह से भाजपा फिलहाल इन बागी सांसदों से दूरी बनाए रखना चाहती है।

कौन हैं TMC के 17 बागी सांसद-

टीएमसी से बगावत कर NCPI में गए 20 में से 17 सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलें सामने आई थीं। ये वे सांसद हैं, जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर जीत दर्ज की थी और बाद में ममता बनर्जी से अलग होकर अलग गुट बना लिया। कूचबिहार के सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया ने ही इन 17 सांसदों के भाजपा में जाने का दावा सार्वजनिक तौर पर किया था। बताई गई सूची में बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार, बीरभूम से सांसद और अभिनेत्री शताब्दी रॉय, बांकुड़ा से सांसद अरूप चक्रवर्ती, आरामबाग से सांसद मिताली बाग, झाड़ग्राम से सांसद कालीपद सोरेन और सुदीप बंद्योपाध्याय समेत अन्य नाम शामिल हैं। 17 बागी सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य का बयान अहम माना जा रहा है। भाजपा ने फिलहाल इन सांसदों के लिए पार्टी में प्रवेश की संभावना से इनकार कर दिया है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि NCPI से जुड़े इन बागी सांसदों का अगला राजनीतिक कदम क्या होगा और इसका पश्चिम बंगाल की आगामी राजनीति पर कितना असर पड़ेगा

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