Monsoon Update: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम विभाग ने अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। सबसे ज्यादा असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल रहा है, जहां भारी बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। कई जिलों में आज भी रेड अलर्ट जारी है। खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्राएं भी अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में मिल सकती है गर्मी से राहत
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई दिनों से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। हालांकि अब मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, दिनभर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि बारिश के बाद भी गर्मी और उमस पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।
यूपी के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में रविवार को लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बीच-बीच में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया है।IMD के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके अलावा कई जगहों पर तेज आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण राज्य की कई नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।
मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय होगा मानसून
मध्य प्रदेश में इस मानसून के दौरान अब तक 35 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। भोपाल मौसम केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एस.एन. साहू के अनुसार, रविवार से राज्य में फिर बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिन जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, उनमें छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया और अलीराजपुर शामिल हैं। इसके अलावा बड़वानी, बैतूल, दतिया, धार, झाबुआ, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, श्योपुर, शिवपुरी, अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जम्मू-कश्मीर में रेड अलर्ट जारी
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में शनिवार शाम हुई भारी बारिश से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ। जलभराव के कारण सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज बारिश से नदी-नाले भी उफान पर आ गए हैं।मौसम विभाग ने 27 जुलाई तक घाटी और जम्मू संभाग के कई जिलों में भारी बारिश, तेज बौछारों और गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी है। प्रदेश के कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट भी जारी किया गया है।

अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा रोकी गई
खराब मौसम को देखते हुए 19 जुलाई से अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है। कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से यात्रा फिलहाल स्थगित की गई है।इसी तरह, मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने श्री माता वैष्णो देवी यात्रा भी कुछ समय के लिए रोकने का फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश से भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। किन्नौर जिले में बादल फटने से नाले में अचानक तेज सैलाब आ गया। आईटीबीपी कैंप के पास हुई इस घटना में पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर और भारी मलबा नीचे आ गया। इसके कारण सांग्ला-छितकुल सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।मौसम विभाग ने 24 जुलाई तक हिमाचल समेत पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
24 जुलाई तक जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, 18 जुलाई की रात से प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। रविवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जिसके चलते इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।उन्होंने बताया कि 19 जुलाई की देर रात से 24 जुलाई तक पूरे राज्य में लगातार बारिश होने की संभावना है। मानसून के अधिक सक्रिय रहने से खासकर मध्यम ऊंचाई वाले पहाड़ी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 20 और 21 जुलाई को मौसम का असर सबसे ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में रेड अलर्ट
संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। 20 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में रेड अलर्ट रहेगा। वहीं 21 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण जमीन पूरी तरह पानी से संतृप्त हो सकती है और बड़ी नदियों का जलस्तर बढ़ने से अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसी स्थिति बनने पर मौसम केंद्र, शिमला विशेष बुलेटिन और नई सलाह जारी करेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से नदियों, नालों और अन्य जल स्रोतों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि स्थानीय नालों में अचानक पानी बढ़ सकता है और कई इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) तथा मडस्लाइड का खतरा भी बना रहेगा। यात्रा के दौरान लोगों को राज्य सरकार की ओर से जारी सड़क संबंधी सलाह और मौसम विभाग के नाउकास्ट व बुलेटिन पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग और कामले जिलों में एक बार फिर बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।पापुम पारे और पूर्वी कामेंग जिलों में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं अंजाव जिले में 6 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश से बाढ़, जलभराव, भूस्खलन, ट्रैफिक बाधित होने और कमजोर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। नदियों और नालों के उफान, खेतों में जलभराव, फिसलन भरी सड़कों और पानी में डूबे रास्तों के कारण हादसों की आशंका भी जताई गई है।अधिकारियों के अनुसार प्रशासन ने 24 घंटे निगरानी, समन्वय और आपातकालीन तैयारियों को तेज कर दिया है। लोगों से सतर्क रहने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और जिला प्रशासन की ओर से जारी सभी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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