बड़ी गड़बड़ी: प्रश्न-पत्र में खामियों के बाद NTA ने लिया फैसला, तीन विषयों का एग्जाम दोबारा

UGC NET: NTA ने लिया फैसला, तीन विषयों का एग्जाम होगा दोबारा

UGC NET: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 से जुड़ा अहम फैसला लिया है। इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इन तीनों विषयों के प्रश्न-पत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण से जुड़ी कई खामियां सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है। NTA ने स्पष्ट किया … Read more

Monsoon Food Poisoning Tips: बारिश में फूड पॉइजनिंग से बचना है तो अपनाएं ये 6 आसान टिप्स

 Monsoon Food Poisoning Tips:

Monsoon Food Poisoning Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान उमस और नमी बढ़ने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। नमी वाले वातावरण में भोजन में हानिकारक बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं। दूषित खाना या पानी पीने से उल्टी, दस्त, पेट दर्द, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida के अनुसार, बारिश में फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए साफ-सफाई, भोजन को सही तरीके से पकाना और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल बेहद जरूरी है।

Monsoon Food Poisoning Tips:  हाथ और रसोई साफ रखें-

खाना बनाने या खाने से पहले साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोएं। टॉयलेट इस्तेमाल करने, कच्चे मांस या सब्जियों को छूने और बाहर से घर आने के बाद भी हाथ साफ करना जरूरी है। रसोई के स्लैब, चाकू, कटिंग बोर्ड, बर्तन और कपड़ों को नियमित रूप से साफ रखें। बारिश में कीड़े-मकौड़ों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए भोजन को हमेशा ढककर रखें।

Monsoon Food Poisoning Tips: कच्चे और पके भोजन को अलग रखें-

कच्चे मांस, चिकन, मछली और अंडों में हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसलिए इनके लिए इस्तेमाल किए गए चाकू, प्लेट और कटिंग बोर्ड को बिना धोए पके भोजन के लिए इस्तेमाल न करें। फ्रिज में भी कच्चे मांस और सी-फूड को बंद डिब्बों में रखें और तैयार भोजन से अलग रखें। इससे बैक्टीरिया के एक भोजन से दूसरे में फैलने का खतरा कम होता है।

 खाना अच्छी तरह पकाकर खाएं-

बारिश में अधपका भोजन संक्रमण का कारण बन सकता है। मांस, चिकन, अंडे, मछली और कीमा जैसी चीजों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। WHO के अनुसार, भोजन को पर्याप्त तापमान पर पकाने से हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद मिलती है। बचे हुए भोजन को दोबारा खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करना भी जरूरी है।

खाना कमरे के तापमान पर देर तक न रखें-

गर्मी और उमस में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं। इसलिए पके हुए या जल्दी खराब होने वाले भोजन को कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न रखें। खाने को जल्द से जल्द फ्रिज में रखें। हालांकि, केवल फ्रिज में रखने से भोजन हमेशा सुरक्षित नहीं रहता, इसलिए उसे बहुत लंबे समय तक स्टोर करने से बचें।

 साफ और सुरक्षित पानी ही पिएं-

बारिश के मौसम में दूषित पानी से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पीने, खाना बनाने और बर्फ तैयार करने के लिए साफ और सुरक्षित पानी का ही इस्तेमाल करें। बाहर मिलने वाले ऐसे ड्रिंक्स या बर्फ से बचें, जिसकी स्वच्छता पर भरोसा न हो। फल और सब्जियों को भी साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही खाएं।

 स्ट्रीट फूड से रहें सावधान-

वर्षा में खुले में रखा स्ट्रीट फूड धूल, गंदे पानी, मक्खियों और अन्य प्रदूषकों के संपर्क में आ सकता है। इसलिए ऐसे स्टॉल से खाना खाने से बचें, जहां भोजन खुला रखा हो या पानी की स्वच्छता संदिग्ध हो। खासकर खुली चटनी, कटे फल, सलाद और लंबे समय से रखे खाद्य पदार्थों को खाने में सावधानी बरतें।

बारिश में थोड़ी सावधानी, सेहत रहेगी सुरक्षित-

बारिश के मौसम में फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए साफ-सफाई, सुरक्षित पानी, सही तरीके से खाना पकाना और भोजन को उचित तापमान पर रखना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर संक्रमण और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

यह भी पढ़ें- Flipkart सेल में Realme P4R 5G पर ₹15 हजार से ज्यादा की छूट, 8000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले

Flipkart सेल में Realme P4R 5G पर ₹15 हजार से ज्यादा की छूट, 8000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले

Realme P4R 5G Discount:

Realme P4R 5G Discount: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Flipkart की Freedom Sale का आज यानी 16 अगस्त को आखिरी दिन है। सेल में स्मार्टफोन्स, टैबलेट्स और इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज पर कई शानदार ऑफर्स मिल रहे हैं। इसी सेल में Realme P4R 5G स्मार्टफोन पर भी भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है। फोन की कीमत पर 15 हजार रुपये से ज्यादा की सीधी बचत के साथ बैंक ऑफर का फायदा भी उठाया जा सकता है। खास बात यह है कि फोन में 8000mAh की बड़ी बैटरी, MediaTek प्रोसेसर और 144Hz रिफ्रेश रेट वाली डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलते हैं।

Realme P4R 5G Discount: Realme P4R 5G पर मिल रहा बड़ा डिस्काउंट-

रियलमी P4R 5G की सामान्य कीमत ₹34,999 है। हालांकि Flipkart Freedom Sale में यह फोन 44% की छूट के बाद ₹19,499 में मिल रहा है। इसके अलावा बैंक ऑफर का लाभ लेने पर इसकी कीमत और कम हो सकती है।

Realme P4R 5G Discount: बैंक ऑफर से ₹1,450 तक की बचत-

Flipkart Axis Bank या Flipkart SBI क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ₹1,450 तक की अतिरिक्त छूट मिल सकती है। इस ऑफर के बाद फोन की प्रभावी कीमत ₹18,049 हो जाती है। ग्राहक चाहें तो इसे नो-कॉस्ट EMI पर भी खरीद सकते हैं।

₹17,550 तक का एक्सचेंज ऑफर-

फोन खरीदने पर एक्सचेंज ऑफर का विकल्प भी दिया जा रहा है। पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज करने पर मॉडल और कंडीशन के आधार पर ₹17,550 तक का अतिरिक्त डिस्काउंट मिल सकता है। फोन की शुरुआती मंथली EMI ₹2,167 से शुरू होती है।

8000mAh की बड़ी बैटरी-

Realme P4R 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh Titan बैटरी है। कंपनी के अनुसार, यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर तीन दिनों तक चल सकती है। फोन में 45W फास्ट चार्जिंग और बाईपास चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है, जो खासतौर पर गेमिंग के दौरान उपयोगी है।

144Hz डिस्प्ले और MediaTek प्रोसेसर-

फोन में 6.8 इंच की डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 1,200 निट्स की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। इसमें MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर के साथ 5,300mm² एयरफ्लो वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम मिलता है।

50MP कैमरा और IP65 रेटिंग-

फोटोग्राफी के लिए Realme P4R 5G में 50MP AI रियर कैमरा दिया गया है। इसके अलावा फोन को IP65 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी के छींटों से सुरक्षा प्रदान करती है। गेमिंग, बड़ी बैटरी और हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले चाहने वाले यूजर्स के लिए यह डील खास हो सकती है।

यह भी पढ़े- FSSAI की सख्ती का असर, 6 कंपनियों ने वापस लिए भ्रामक दावे और लेबल

FSSAI की सख्ती का असर, 6 कंपनियों ने वापस लिए भ्रामक दावे और लेबल

FSSAI Action:

FSSAI Action: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की कार्रवाई के बाद छह खाद्य कंपनियों ने अपने उत्पादों से जुड़े भ्रामक दावों और लेबल में सुधार किया है। खाद्य नियामक की ओर से नोटिस मिलने के बाद कंपनियों ने पैकेजिंग बदलने, गलत दावे हटाने और कुछ उत्पादों को वेबसाइट से हटाने जैसे कदम उठाए। … Read more

यूपी में IPS की मां की हत्या, लूट के बाद वारदात; हाथ में मिला इंजेक्शन का निशान

UP IPS Mother Murder:

UP IPS Mother Murder: उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में लूट के बाद एक बुजुर्ग महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लखनऊ में तैनात IPS अधिकारी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रा देवी की शनिवार रात हत्या कर दी गई। वारदात के बाद उनके शरीर से सोने के आभूषण गायब मिले। पुलिस ने … Read more

बेटे पर झपटा बाघ, डंडा लेकर भिड़ गए पिता; 5 मिनट के संघर्ष के बाद जंगल भागा टाइगर

Bijnor News

Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बेटे की जान बचाने के लिए एक पिता ने अपनी जान की परवाह किए बिना बाघ का सामना किया। मंडावली थाना क्षेत्र के सहानपुर रेंज के मोथला उर्फ नीम वाली वन क्षेत्र में शनिवार सुबह गाय-भैंस चराने गए 33 वर्षीय रफी पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। बेटे … Read more

मध्य प्रदेश के UCC पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का विरोध, कहा- ‘मुसलमान मानने को बाध्य नहीं’

Muslim Community

Muslim Community: मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू किए जाने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मध्य प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया है। उन्होंने आरोप लगाया … Read more

योगी सरकार का सड़क सुरक्षा पर सख्त रुख, 20 लाख से ज्यादा चालान; जीरो डेथ का लक्ष्य

 Yogi Road Safety Drive:

Yogi Road Safety Drive: उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग की ओर से प्रदेशभर में लगातार जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, हाल के वर्षों में 20 लाख से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं और करीब 646 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला गया है। सरकार का कहना है कि चालान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कर हादसों में होने वाली मौतों को कम करना है।

Yogi Road Safety Drive: 2025-26 में 15 लाख चालान, 474 करोड़ का जुर्माना-

अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) केडी सिंह गौर के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में करीब 15 लाख वाहनों के चालान किए गए। इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने 474 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क जमा किया। अधिकारियों का कहना है कि प्रवर्तन कार्रवाई का मकसद सड़क पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।

चार महीने में 5 लाख चालान-

वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी परिवहन विभाग की कार्रवाई जारी है। शुरुआती चार महीनों में ही प्रदेशभर में करीब 5 लाख चालान किए जा चुके हैं। इन कार्रवाई के जरिए विभाग ने अब तक 172 करोड़ रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला है। विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

सिर्फ राजस्व जुटाना नहीं है मकसद-

परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, चालान की कार्रवाई का उद्देश्य केवल सरकारी राजस्व बढ़ाना नहीं है। इसका मुख्य लक्ष्य वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है। ओवरस्पीडिंग, बिना वैध दस्तावेज वाहन चलाने और क्षमता से अधिक माल या सवारी ढोने जैसे उल्लंघनों पर कार्रवाई कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की कोशिश की जा रही है।

‘शून्य मृत्यु दर’ हासिल करने का लक्ष्य-

उत्तर प्रदेश सरकार सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने के लिए ‘शून्य मृत्यु दर’ के लक्ष्य पर काम कर रही है। परिवहन विभाग का मानना है कि सख्त प्रवर्तन के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। सरकार के मुताबिक, वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग ही सड़क हादसों को कम करने में सबसे अहम भूमिका निभा सकती है।

यह भी पढ़ें- NALSAR विवाद के बाद BCI पर सवाल, मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व की हो रही चर्चा

NALSAR विवाद के बाद BCI पर सवाल, मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व की हो रही चर्चा

BCI NALSAR Controversy:

BCI NALSAR Controversy: हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़े विवाद ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स को वकील के तौर पर रजिस्टर करने पर BCI की ओर से लगाई गई रोक कुछ ही घंटों में वापस लिए जाने के बाद कानूनी जगत में सवाल उठ रहे हैं। इस घटनाक्रम के बीच BCI के लंबे समय से नेतृत्व को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। BCI का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता और बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा कर रहे हैं।

BCI NALSAR Controversy: क्या है NALSAR का पूरा मामला-

हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के 2026 बैच के ग्रेजुएट्स के एडवोकेट के तौर पर रजिस्ट्रेशन को लेकर BCI ने रोक लगाने का फैसला किया था। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद यह फैसला कुछ ही घंटों में वापस ले लिया गया। मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी BCI की भूमिका को लेकर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह के मामलों में संस्था के अधिकार क्षेत्र की सीमा महत्वपूर्ण है।

BCI NALSAR Controversy: BCI क्या काम करता है-

बार काउंसिल ऑफ इंडिया का गठन Advocates Act, 1961 के तहत हुआ है। इसका प्रमुख काम वकीलों के पेशेवर आचरण और अनुशासन से जुड़े नियम तय करना, कानूनी शिक्षा के मानकों को बनाए रखना और लॉ संस्थानों से जुड़ी मान्यता व्यवस्था में भूमिका निभाना है।

वकीलों के रजिस्ट्रेशन का अधिकार किसके पास-

कानूनी व्यवस्था के मुताबिक, किसी व्यक्ति को राज्य में एडवोकेट के तौर पर रजिस्टर करने की जिम्मेदारी संबंधित State Bar Council की होती है। इसी वजह से NALSAR मामले में BCI की कार्रवाई को लेकर उसके अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठे।

मनन कुमार मिश्रा के नेतृत्व पर क्यों चर्चा-

NALSAR विवाद के बाद BCI के नेतृत्व और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर बहस तेज हुई है। वरिष्ठ अधिवक्ता और बीजेपी सांसद मनन कुमार मिश्रा लंबे समय से BCI से जुड़े नेतृत्व में रहे हैं। उनके राजनीतिक सफर को लेकर भी चर्चा होती रही है। वे पहले BSP और कांग्रेस से चुनाव लड़ चुके हैं और बाद में बीजेपी से जुड़े।

फर्जी डिग्री वाले वकीलों का दावा भी चर्चा में-

इस विवाद के बीच मनन कुमार मिश्रा के उन कथित बयानों का भी जिक्र हो रहा है, जिनमें उन्होंने देश में बड़ी संख्या में वकीलों के पास कथित फर्जी डिग्री होने की बात कही थी। यदि रेगुलेटरी संस्था के नेतृत्व की ओर से ऐसे गंभीर दावे किए जाते हैं, तो इससे वकीलों के रजिस्ट्रेशन और निगरानी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, ऐसे प्रतिशत संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि और आधिकारिक आंकड़ों से सत्यापन जरूरी है।

BCI की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल-

NALSAR मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि बार काउंसिल जैसी नियामक संस्था को अपने अधिकार क्षेत्र में किस तरह काम करना चाहिए। साथ ही, वकीलों के रजिस्ट्रेशन, लॉ कॉलेजों की मान्यता और पेशेवर आचरण की निगरानी में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल सामने आए हैं।

यह भी पढ़ें- किस्सा यूपी का: चौधरी चरण सिंह कैसे बने किसानों के मसीहा? CM से PM तक का सफर

किस्सा यूपी का: चौधरी चरण सिंह कैसे बने किसानों के मसीहा? CM से PM तक का सफर

 Charan Singh Farmers Messiah:

Charan Singh Farmers Messiah: चौधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति में किसानों की आवाज के तौर पर हमेशा याद किए जाएंगे। एक सामान्य किसान परिवार में जन्मे चौधरी चरण सिंह ने अपनी मेहनत और राजनीतिक समझ के दम पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक का सफर तय किया। उन्होंने अपना पूरा … Read more