Narendra Modi Speech: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से ईंधन और संसाधनों का सीमित उपयोग करने की अपील की। गुजरात के वडोदरा में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जहां संभव हो, लोग पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस तथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि जैसे देश ने मिलकर कोरोना संकट का सामना किया था, वैसे ही मौजूदा वैश्विक संकट से भी भारत बाहर निकल जाएगा। प्रधानमंत्री ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भी अपील की कि वे कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने लाएं।
“अभी सोना खरीदने की जरूरत नहीं”
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि सोने के आयात पर देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश चला जाता है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हालात सामान्य होने तक सोने की खरीद टाल दें। मोदी ने खाने के तेल की खपत कम करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि खाद्य तेल के आयात पर भी बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। अगर लोग तेल का कम उपयोग करेंगे तो इससे देश और स्वास्थ्य दोनों को फायदा होगा।
Narendra Modi Speech: सोमनाथ में पोखरण परमाणु परीक्षण को किया याद
इससे पहले प्रधानमंत्री गुजरात स्थित Somnath Temple में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने 11 मई 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि उस समय दुनिया की बड़ी शक्तियां भारत को दबाने मैदान में उतर आई थीं, लेकिन देश डटा रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने उस परमाणु परीक्षण को “ऑपरेशन शक्ति” नाम दिया था। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती।
Narendra Modi Speech: “जड़ों से जुड़ा राष्ट्र ही मजबूत बनता है”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि Somnath Temple भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक मजबूत नहीं रह सकता जब तक वह अपनी जड़ों और विरासत से जुड़ा न रहे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर को कई बार तोड़ा गया, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। यह भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक है।
वाजपेयी सरकार में हुआ था दूसरा परमाणु परीक्षण
11 मई 1998 को Atal Bihari Vajpayee की सरकार में भारत ने दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। यह ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से किया गया था और विदेशी एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी थी। इन परीक्षणों के बाद अमेरिका, जापान समेत कई पश्चिमी देशों ने भारत पर आर्थिक और तकनीकी प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक क्षमता दुनिया के सामने साबित की।








