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गतिरोध खत्म होगा या जारी रहेगा? रिजिजू ने अमित शाह के जवाब पर दिया बड़ा संकेत

Parliament Deadlock: संसद के मानसून सत्र में करीब तीन सप्ताह से जारी गतिरोध के बीच सरकार ने विपक्ष को चर्चा का प्रस्ताव दिया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को कहा कि सरकार छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष को सरकार और गृह मंत्री की बात सुनने के लिए सदन में हंगामा नहीं करना होगा।

‘चर्चा करनी है तो सही तरीके से करें’

रिजिजू ने कहा, “गृह मंत्री का जवाब सुनेंगे, ये आपको विश्वास दिलाना पड़ेगा। चर्चा करना है तो सही तरीके से चर्चा करना चाहते हैं। हम पुलिस एक्शन से लेकर छात्र आंदोलन से जुड़े हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।” सरकार के इस रुख के बाद संसद में जारी गतिरोध खत्म होने की संभावना को लेकर उम्मीद जगी है। हालांकि, विपक्ष की ओर से अभी इस प्रस्ताव को लेकर सहमति के संकेत नहीं मिले हैं।

Parliament Deadlock: विपक्ष ने रखी दूसरी शर्त

विपक्षी सूत्रों के मुताबिक, अगर गृह मंत्री छात्रों के मुद्दे पर सदन में बयान देने को तैयार हैं तो अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि जब तक दोनों मुद्दों पर सरकार की ओर से बयान नहीं दिया जाता, तब तक गतिरोध खत्म नहीं होगा। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में कहा कि उन्हें लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान देने तक गतिरोध जारी रहेगा।

16वें दिन भी नहीं चल सका प्रश्नकाल

मानसून सत्र के 16वें दिन भी सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। सोमवार को सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हो सका।

Parliament Deadlock: महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों पर भी असर

संसद में जारी गतिरोध के कारण महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी एफसीआरए से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। मानसून सत्र अब अपने आखिरी सप्ताह में है, ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनने पर इन विधायी कामकाज पर असर पड़ सकता है।

संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन जारी

विपक्षी दलों के सांसद सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को समाजवादी पार्टी के सांसद पानी और दूध लेकर संसद परिसर पहुंचे और अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया। अब निगाहें सरकार और विपक्ष के बीच होने वाली बातचीत पर हैं। यदि दोनों पक्ष छात्रों के मुद्दे और अन्य विवादित विषयों पर चर्चा के लिए सहमत होते हैं, तो लंबे समय से जारी संसद के गतिरोध के खत्म होने का रास्ता खुल सकता है।

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