Petrol diesel prices: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल सप्लाई चेन के संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख दिया है। असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके पड़ोसी देशों में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। कहीं पेट्रोल 90 फीसदी तक महंगा हो गया है, तो कहीं डीजल के दाम 112 फीसदी तक उछल गए हैं।
म्यांमार में सबसे बड़ा तेल विस्फोट
Myanmar में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक संकट के बीच यहां ईंधन की कीमतें बेकाबू हो चुकी हैं। पेट्रोल के दाम 89.7 फीसदी तक बढ़ गए हैं, जबकि डीजल 112.7 फीसदी महंगा हो चुका है। यानी तेल की कीमतों ने यहां हर पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।
Petrol diesel prices: पाकिस्तान में पेट्रोल ने निकाला दम
आर्थिक संकट से जूझ रहे Pakistan में भी ईंधन की मार ने जनता को बेहाल कर दिया है। पेट्रोल 54.9 फीसदी और डीजल 44.9 फीसदी महंगा हो चुका है। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
Petrol diesel prices: श्रीलंका में संकट अभी भी खत्म नहीं
Sri Lanka आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तेल की कीमतों ने राहत नहीं दी। यहां पेट्रोल 38.2 फीसदी और डीजल 41.8 फीसदी महंगा हो चुका है। इसका असर खाने-पीने से लेकर ट्रांसपोर्ट तक हर चीज पर दिख रहा है।
नेपाल में डीजल ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
Nepal में पेट्रोल 38.2 फीसदी महंगा हुआ है, लेकिन असली झटका डीजल ने दिया है। यहां डीजल की कीमतों में 58.5 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे माल ढुलाई और जरूरी सामानों की कीमतों पर सीधा असर पड़ा है।
Petrol diesel prices: चीन भी नहीं बच पाया
दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था China भी इस तेल संकट से अछूता नहीं रहा। यहां पेट्रोल 21.7 फीसदी और डीजल 23.7 फीसदी महंगा हुआ है। चीन जैसे विशाल बाजार में यह बढ़ोतरी वैश्विक दबाव का बड़ा संकेत मानी जा रही है।
बांग्लादेश ने कीमतों को संभालने की कोशिश की
Bangladesh ने ईंधन कीमतों पर नियंत्रण रखने की कोशिश जरूर की, लेकिन पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। यहां पेट्रोल 16.7 फीसदी और डीजल 15 फीसदी महंगा हुआ है।तेल की आग ने पूरे क्षेत्र को झुलसायाभारत के पड़ोसी देशों के आंकड़े साफ बताते हैं कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने पूरे दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। सबसे बुरी स्थिति म्यांमार की है, जबकि पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका भी गंभीर महंगाई संकट का सामना कर रहे हैं।आने वाले दिनों में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और महंगा हुआ, तो पेट्रोल-डीजल के दामों की यह आग आम आदमी की जेब पर और भारी पड़ सकती है।








