Puducherry Cabinet Expansion: पुडुचेरी की लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिपरिषद का कैबिनेट विस्तार 17 जून को होने जा रहा है। इस विस्तार के बाद मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार को पूरी क्षमता के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, केंद्र शासित प्रदेश का वार्षिक बजट पेश होने से पहले विभागों के वितरण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकेगी।
राष्ट्रपति ने तीन नामों को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति ने तीन विधायकों को मंत्री पद देने की मंजूरी दे दी है। इनमें ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस के पी. राजावेलु और वी.पी. शिवकोलुंधु के साथ-साथ भाजपा विधायक जी.एन.एस. राजशेखरन शामिल हैं। इनकी नियुक्ति के साथ कैबिनेट का विस्तार पूरा किया जाएगा।मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, उप-राज्यपाल के. कैलाशनाथन 17 जून को सुबह 9:45 बजे आयोजित समारोह में नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण के साथ ही इनकी नियुक्ति प्रभावी मानी जाएगी।
Puducherry Cabinet Expansion: चुनाव के बाद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम
यह कैबिनेट विस्तार 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद एनडीए की सत्ता में वापसी के लगभग एक महीने बाद हो रहा है, जिसे एक अहम राजनीतिक विकास माना जा रहा है। इस चुनाव में गठबंधन ने 30 में से 18 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जिससे एन. रंगास्वामी की मुख्यमंत्री पद पर वापसी का रास्ता साफ हुआ। उन्होंने 13 मई को भाजपा नेता ए. नमासिवयम और वरिष्ठ एआईएनआरसी नेता मल्लादी कृष्णा राव के साथ शपथ ली थी।
विभागों का बंटवारा अभी बाकी
हालांकि सरकार का गठन पहले ही हो चुका है, लेकिन अब तक मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के बाद यह प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी।
नए मंत्रियों में पी. राजावेलु और वी.पी. शिवकोलुंधु अनुभवी विधायक हैं, जो पहले भी महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर रह चुके हैं। राजावेलु उपाध्यक्ष और मंत्री रह चुके हैं, जबकि शिवकोलुंधु पूर्व कांग्रेस सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे हैं। वहीं, जी.एन.एस. राजशेखरन पहली बार मंत्री पद संभालेंगे, जिससे कैबिनेट में नया चेहरा भी शामिल होगा।
सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का प्रयास
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियुक्तियों का उद्देश्य कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना है। विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदाय और कराइकल क्षेत्र को उचित प्रतिनिधित्व देने पर ध्यान दिया गया है।
तीन नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद पुडुचेरी मंत्रिपरिषद अपनी निर्धारित पूर्ण क्षमता तक पहुंच जाएगी। इसके बाद विभागों के बंटवारे की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। साथ ही, विधानसभा में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पदों के चुनाव भी जल्द कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।








