Pune Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया दावा सामने आया है। केतन का शव खाई से बाहर निकालने वाले रेस्क्यू सदस्य सुनील गायकवाड़ ने बताया कि शव पर गंभीर चोटों के निशान थे। उनके अनुसार, केतन के सिर पर गहरी चोट थी, खोपड़ी क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही थी और हाथ-पैरों पर भी कई चोटें थीं। सुनील ने बताया कि जहां अन्य लोग रो रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे, वहीं मंगेतर सिया गोयल पूरी तरह शांत खड़ी थी।
10 घंटे तक सिया के भाई से पूछताछ
पुणे पुलिस ने मामले में सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल ने बताया कि सिया और चेतन चौधरी की दोस्ती क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने सिया के माता-पिता से भी पूछताछ की है।
Pune Murder Case: घटना वाले दिन ही परिवार को हुआ शक
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया कि घटना वाले दिन ही परिवार को सिया पर संदेह हो गया था। उन्होंने बताया कि जब एक महिला पुलिसकर्मी ने कहा कि केतन शायद अभी जीवित हो सकता है और उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव अचानक बदल गए। परिवार का आरोप है कि सिया ने किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया और उसका व्यवहार उन्हें असामान्य लगा।
Pune Murder Case: CCTV फुटेज से बढ़ा शक
केतन के परिवार ने पूरी घटना की समीक्षा करने के बाद सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज देखे। परिवार का दावा है कि फुटेज में लौटते समय सिया सामान्य दिखाई दे रही थी और रो भी नहीं रही थी। इसके बाद परिवार ने पुलिस को अपनी आशंकाओं से अवगत कराया।
Pune Murder Case: मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने अपने मोबाइल फोन से चैट हिस्ट्री और रीसायकल बिन तक डिलीट कर दिए थे। दोनों के मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच में सामने आया है कि जनवरी से घटना वाले दिन तक सिया और चेतन के बीच 2,000 से अधिक कॉल हुई थीं, जिनकी कुल अवधि लगभग 338 घंटे बताई जा रही है।
पुलिस का दावा- पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
जांच एजेंसियों का कहना है कि 14 जून को भी केतन को कथित तौर पर खाई में धक्का देने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह बच गया। पुलिस का आरोप है कि 18 जून को दूसरी योजना के तहत सिया और चेतन ने मिलकर लोहगढ़ किले से केतन को धक्का दिया। सूत्रों के मुताबिक, यदि यह योजना भी विफल हो जाती तो बाद में सड़क हादसे के रूप में हत्या करने का कथित बैकअप प्लान भी तैयार किया गया था।
सिया के माता-पिता ने क्या कहा?
सिया की मां पूजा गोयल ने कहा कि यदि उनकी बेटी दोषी साबित होती है तो उसे कानून के अनुसार सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं सिया के पिता का कहना है कि उनकी बेटी शादी को लेकर खुश थी और दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ था।
पुलिस जुटा रही वैज्ञानिक साक्ष्य
फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और घटनास्थल से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा।
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