Samrat Chaudhary New Cm: सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू हो गया है। वे राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। करीब छह महीने पहले अमित शाह ने तारापुर की रैली में उन्हें “बड़ा आदमी” बनाने का वादा किया था, जो अब सच साबित हुआ है।
रैली से सत्ता तक का सफर
विधानसभा चुनाव के दौरान तारापुर में आयोजित जनसभा में अमित शाह ने कहा था कि “सम्राट जी को जिताइए, हम इन्हें बड़ा आदमी बनाएंगे।” मंगलवार को उन्हें एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया और 15 अप्रैल को उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इस वादे को हकीकत में बदल दिया।
Samrat Chaudhary New Cm: राजनीतिक विरासत और शुरुआत
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर लंबे समय से सक्रिय रहा है। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति में बड़ा नाम रहे हैं। सम्राट ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की और इसके बाद जनता दल यूनाइटेड और फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए।
तारापुर से मिली मजबूती
उन्होंने मुंगेर जिले के तारापुर विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर अपनी सियासी पकड़ मजबूत की। साल 1999 में वे बिहार सरकार में कृषि मंत्री भी रहे। बाद में 2010 में विधायक बने और विपक्ष में अहम जिम्मेदारियां निभाईं।
Samrat Chaudhary New Cm: भाजपा में बढ़ता कद
साल 2018 के बाद भाजपा में उनकी पहचान तेजी से बढ़ी। 2023 में वे प्रदेश अध्यक्ष बने और बाद में उपमुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले राजनीतिक बदलावों के दौरान उनकी भूमिका और मजबूत होती गई।
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत भी है। यह कदम भाजपा के लिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है, जिसने पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाया है।
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