Home » नई दिल्ली » दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचीं सोनम वांगचुक की पत्नी, तत्काल सुनवाई की मांग से बढ़ी हलचल

दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचीं सोनम वांगचुक की पत्नी, तत्काल सुनवाई की मांग से बढ़ी हलचल

Sonam Wangchuk Hunger Strike: 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में वांगचुक को उनकी इच्छा के विरुद्ध रखा गया है और उन्हें निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं दी जा रही। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की है।

स्वास्थ्य रिपोर्ट पर उठाए सवाल

गीतांजलि ने कहा कि अस्पताल ने परिवार को बताया था कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक गिर गया है, जबकि सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में केवल पोटैशियम घटने की बात कही गई। उनका दावा है कि एक स्वतंत्र लैब की जांच में पोटैशियम स्तर 3.5 पाया गया, जो सामान्य सीमा में है।

Sonam Wangchuk Hunger Strike: ‘निजी अस्पताल नहीं ले जाने दिया जा रहा’

उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार कई बार वांगचुक को निजी अस्पताल ले जाने की अनुमति मांग चुका है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने डिस्चार्ज नहीं किया। उनके अनुसार अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है और परिवार की आवाजाही भी सीमित कर दी गई है। उन्होंने इसे इलाज नहीं, बल्कि “अवैध हिरासत जैसी स्थिति” बताया।

हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग

गीतांजलि ने कहा कि परिवार को अपने मरीज के इलाज के लिए अस्पताल चुनने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की है कि वांगचुक की बिगड़ती हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए।

Sonam Wangchuk Hunger Strike: अस्पताल ने आरोपों से किया इनकार

सफदरजंग अस्पताल ने अपने स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि सोनम वांगचुक होश में हैं और उनका रक्तचाप, नाड़ी तथा ऑक्सीजन स्तर फिलहाल सामान्य है। हालांकि लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण निर्जलीकरण की स्थिति बनी हुई है। अस्पताल के अनुसार डॉक्टरों और एम्स के विशेषज्ञों की सलाह के बावजूद वांगचुक ने नसों के जरिए तरल पदार्थ, ओआरएस और दवाएं लेने से इनकार किया है। अस्पताल का यह भी कहना है कि परिवार की ओर से उपचार के लिए सहमति नहीं दी गई है।

28 जून से जारी है अनशन

सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। अब उनकी पत्नी के आरोपों और अस्पताल के दावों के बीच विरोधाभास ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

ये भी पढ़े… बांकीपुर में जीत की तैयारी! नितिन नवीन के लगातार दौरे से भाजपा कार्यकर्ताओं में दिखा जोश