जलुकबारी में हाई-वोल्टेज टक्कर: हिमंत vs कांग्रेस की चुनौती

असम विधानसभा चुनाव 2026 में कई सीटें चर्चा में हैं, लेकिन जलुकबारी सबसे ज्यादा हाई-प्रोफाइल बन चुकी है। जलुकबारी का चुनाव बाकी सीटों से थोड़ा अलग है। यहां बीजेपी को मजबूत संगठन, शहरी वोट बैंक और Himanta Biswa Sarma की लोकप्रियता का फायदा मिलता रहा है।

राजस्थान में “डिस्टर्ब्ड एरिया बिल” क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

राजस्थान सरकार ने एक अहम विधेयक पास किया है, जिसके तहत राज्य के उन इलाकों में संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर नियंत्रण लगाया जाएगा। विधेयक पेश होने से पहले ही कांग्रेस ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे असंवैधानिक बताया और आरोप लगाया कि, सरकार गुजरात मॉडल को राजस्थान में थोपना चाहती है।

विकसित भारत जी राम जी योजना पर कांग्रेस पर बरसे शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध दरअसल “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब विकास के फैसले ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे। गांव में क्या काम होगा, इसका फैसला ग्राम सभा, ग्राम पंचायत, सरपंच और चुने हुए जनप्रतिनिधि मिलकर करेंगे।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद मनरेगा खत्म, नया कानून लागू

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी बिल, 2025 (VB-G-RAM-G) को मंजूरी दे दी है। VB-G-RAM-G बिल पर लोकसभा में करीब 14 घंटे चर्चा हुई थी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, “शुरुआत में यह सिर्फ नरेगा थी।
2009 के चुनाव के समय वोट के लिए इसमें महात्मा गांधी का नाम जोड़ा गया।”

राजनीतिक तनातनी, ‘मनरेगा पर हमला महात्मा गांधी का अपमान’, राहुल-प्रियंका ने मोदी सरकार की तीखी आलोचना की

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को लेकर केंद्र एवं कांग्रेस के बीच शब्दों की टक्कर फिर से तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी एवं महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार पर कड़ा आरोप लगाया है। मनरेगा हमेशा से कांग्रेस के लिए एक ‘फ्लैगशिप’ योजना रही है, जिसे वे यूपीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानते हैं। विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार जानबूझकर इस योजना का बजट कम कर रही है और नियमों को जटिल बना रही है ताकि मजदूरों का इससे मोहभंग हो जाए।