TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में चुनावी झटके के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी बगावत थमने का नाम नहीं ले रही है। विधायक और सांसद लगातार पार्टी से दूरी बना रहे हैं। इस बीच गुरुवार को पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने भी खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तय करना होगा कि वे उनके साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक को वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना नहीं आता और उनका अहंकार ही पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार है।
“अगर ममता दीदी को अभिषेक पर ही भरोसा करना है तो वे उनके साथ रहें और मुझे छोड़ दें। लेकिन अगर वे अलग रास्ता चुनती हैं तो मैं ममता दीदी के साथ हूं।” कल्याण बनर्जी
फर्जी हस्ताक्षर केस बना नाराजगी की वजह
कल्याण बनर्जी ने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्हें बिना जानकारी दिए वकीलों की सूची से हटा दिया गया। उन्होंने इसे अपना अपमान बताते हुए कहा कि आधी रात को उन्हें इसकी जानकारी मिली।
TMC Crisis: चार दिन में तीन राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा
TMC को गुरुवार को एक और झटका तब लगा जब राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने पार्टी और सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले 10 जून को सुष्मिता देव और 8 जून को सुखेंदु शेखर भी पार्टी छोड़ चुके हैं। इस्तीफे के बाद प्रकाश चिक ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया है और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया।
TMC Crisis: कुछ सांसद अब भी ममता के साथ
सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और प्रतिमा मंडल ने साफ कहा है कि वे तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने ममता को “स्ट्रीट फाइटर” बताते हुए कहा कि संकट के बावजूद जनता का बड़ा समर्थन उनके साथ है।
बागी नेताओं ने अभिषेक पर लगाए आरोप
बागी नेता रिजु दत्ता ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने वर्षों तक पार्टी नेताओं, सांसदों और प्रवक्ताओं का अपमान किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के अहंकार ने पूरी पार्टी को नुकसान पहुंचाया है। वहीं, कल्याण बनर्जी के बेटे शिरसान्य बंदोपाध्याय ने भी आरोप लगाया कि अभिषेक किसी पर भरोसा नहीं करते और समानांतर नेतृत्व तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस ने विलय की अटकलों को किया खारिज
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस और टीएमसी के संभावित विलय की खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व की मुलाकातें सामान्य राजनीतिक संवाद का हिस्सा थीं।
20 सांसदों के अलग गुट पर अब भी सस्पेंस
पूर्व TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि 20 लोकसभा सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है और इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी सौंपा गया है। हालांकि अब तक इन सांसदों की आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है।
TMC के कथित 19 बागी लोकसभा सांसद
| लोकसभा सीट | सांसद | लोकसभा सीट | सांसद |
|---|---|---|---|
| बारासात | काकोली घोष दस्तीदार | घाटाल | दीपक अधिकारी (देव) |
| कूचबिहार | जगदीश चंद्र बसुनिया | झाड़ग्राम | कालीपद सोरेन |
| जांगीपुर | खलीलुर रहमान | मेदिनीपुर | जून मालिया |
| बहरामपुर | यूसुफ पठान | बांकुड़ा | अरूप चक्रवर्ती |
| मुर्शिदाबाद | अबू ताहेर खान | बर्धमान पूर्व | डॉ. शर्मिला सरकार |
| बैरकपुर | पार्थ भौमिक | आसनसोल | शत्रुघ्न सिन्हा |
| मथुरापुर | बापी हलदार | बोलपुर | असित कुमार माल |
| जादवपुर | सायोनी घोष | बीरभूम | शताब्दी रॉय |
| कोलकाता दक्षिण | माला रॉय | हुगली | रचना बनर्जी |
| आरामबाग | मिताली बाग | – | – |
अभिषेक बनर्जी को CID के सामने पेश होने का निर्देश
कलकत्ता हाईकोर्ट ने फर्जी हस्ताक्षर मामले में अभिषेक बनर्जी को अंतरिम राहत देते हुए तीन सप्ताह तक किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगाई है। हालांकि कोर्ट ने उन्हें CID जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है।
दिल्ली में सक्रिय रहीं ममता और अभिषेक
पार्टी में जारी संकट के बीच ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी से मुलाकात की, जबकि अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से चर्चा की। दोनों नेताओं ने INDIA गठबंधन की बैठक में भी हिस्सा लिया।
संख्या बल में भारी गिरावट का दावा
बागी नेताओं के दावों के अनुसार, TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद अलग हो चुके हैं। वहीं 80 विधायकों में से 58 विधायक भी अलग गुट बना चुके हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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