Twisha Sharma Case: भोपाल में हुई 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत अब सिर्फ एक आत्महत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इस केस ने अब बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। नोएडा की रहने वाली ट्विशा की मौत के बाद सामने आई कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। मृतका के पिता ने 46 मोबाइल नंबरों की सूची सार्वजनिक करते हुए दावा किया है कि ट्विशा की मौत के अगले ही दिन उसकी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह ने कई प्रभावशाली लोगों को लगातार फोन कॉल किए।
मौत के बाद आखिर इतनी बेचैनी क्यों?
परिवार का आरोप है कि ये कॉल सामान्य नहीं थे। पिता का दावा है कि सूची में शामिल कुछ नंबर न्यायपालिका और जांच एजेंसियों से जुड़े लोगों के बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक नंबर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (ADJ) का बताया जा रहा है, जिस पर 13 मई को कई बार कॉल किए गए। वहीं एक अन्य नंबर मध्य प्रदेश की एक प्रमुख जांच एजेंसी में तैनात एक जस्टिस का होने का दावा किया गया है।
इतना ही नहीं, कॉल डिटेल में उन युवकों के नंबर भी बताए जा रहे हैं जिन्होंने घर में CCTV कैमरे इंस्टॉल किए थे। इनमें विनोद वाणी और रोहित विश्वकर्मा के नाम सामने आए हैं। परिवार का आरोप है कि ट्विशा की मौत के बाद किए गए ये कॉल इस बात की आशंका को और मजबूत करते हैं कि कहीं CCTV फुटेज के साथ छेड़छाड़ तो नहीं की गई।
Twisha Sharma Case: CCTV फुटेज पर उठे सवाल
इस केस में सबसे बड़ा सवाल CCTV फुटेज को लेकर खड़ा हो रहा है। परिवार का कहना है कि केस से जुड़े लोगों के बयान और CCTV फुटेज की टाइमिंग आपस में मेल नहीं खा रही। साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी ने भी फुटेज की फोरेंसिक जांच की मांग की थी। अब CDR में सामने आए नंबरों ने इस शक को और गहरा कर दिया है कि कहीं सबूतों को बदलने या कहानी को मोड़ने की कोशिश तो नहीं हुई।
हत्या के बाद रची गई आत्महत्या की कहानी
ट्विशा के पिता और भाई लगातार दावा कर रहे हैं कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उनका आरोप है कि हत्या के बाद पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह ने इसे आत्महत्या दिखाने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि अगर सब कुछ सामान्य था, तो फिर मौत के तुरंत बाद इतने प्रभावशाली लोगों को कॉल करने की जरूरत क्यों पड़ी?गौरतलब है कि 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में ट्विशा शर्मा का शव फंदे से लटका मिला था। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का बताया गया, लेकिन परिवार ने शुरुआत से ही ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पति समर्थ, सास गिरिबाला सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना का केस दर्ज किया।SIT जांच में जुटी, परिवार की CBI जांच की मांगमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने 6 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है, जो हर एंगल से जांच कर रही है। दूसरी ओर, ट्विशा का परिवार अब CBI जांच की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि जिस तरह प्रभावशाली लोगों के नंबर सामने आए हैं, उससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।अब इस केस में सबसे बड़ा सवाल यही है —क्या ट्विशा शर्मा की मौत वास्तव में आत्महत्या थी… या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है?
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