Vande Mataram: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्य गीत की जगह ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने पर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने राज्यपाल और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे तमिल संस्कृति और परंपराओं का अपमान बताया है। इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति गरमा गई है और विवाद की गूंज अब पड़ोसी राज्य केरल तक पहुंच गई है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार भारतीय जनता पार्टी समर्थित राज्यपाल के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा और तमिलनाडु की सांस्कृतिक परंपराओं की लगातार अनदेखी की जा रही है।
शपथ ग्रहण समारोह से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री विजय के मंत्रिमंडल में 23 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्य के पारंपरिक गीत की जगह ‘वंदे मातरम’ को प्राथमिकता दी गई। विपक्षी दलों ने इसे स्थापित परंपराओं से अलग कदम बताते हुए सवाल उठाए। टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार पर राजभवन का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल तमिल संस्कृति और रीति-रिवाजों का सम्मान नहीं कर रहे हैं।
Vande Mataram: वाइको ने भी जताया कड़ा विरोध
मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के महासचिव वाइको ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को जबरन शामिल किया जा रहा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। वाइको ने कहा कि तमिलनाडु सरकार के किसी भी कार्यक्रम की शुरुआत ‘तमिल थाई वाझथु’ से होनी चाहिए और अंत राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
केरल में भी बढ़ा विवाद
यह विवाद अब केरल तक पहुंच गया है। वहां भी शपथ ग्रहण समारोह में ‘वंदे मातरम’ के पूरे संस्करण के गायन पर विपक्ष और वाम दलों ने आपत्ति जताई है। वामपंथी दलों ने कहा कि बहुलवादी समाज में गीत के कुछ हिस्सों को लेकर पहले भी आपत्तियां उठ चुकी हैं। उन्होंने 1937 के उस ऐतिहासिक प्रस्ताव का उल्लेख किया, जिसमें कांग्रेस कार्यसमिति ने ‘वंदे मातरम’ के कुछ अंशों को सार्वजनिक आयोजनों के लिए उपयुक्त नहीं माना था। विवाद के बीच दक्षिण भारतीय राजनीति में भाषा, संस्कृति और पहचान को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
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