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यूपी में गठबंधन की सियासत तेज, ओवैसी ने बढ़ाया विपक्ष की ओर हाथ; अखिलेश ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर साफ किया रुख

UP Election 2027:

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की संभावना जताई है। ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ हाथ मिलाने को तैयार है, जो उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर फैसला लेने की बात कही थी।

ओवैसी बोले- गठबंधन के लिए दरवाजे खुले

कानपुर में एक सभा के दौरान ओवैसी ने कहा कि AIMIM ने सभी राजनीतिक दलों के सामने गठबंधन का विकल्प रखा है। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उनकी पार्टी को गठबंधन में पर्याप्त जगह नहीं मिली, इसके बावजूद AIMIM ने चुनाव लड़ा और पांच सीटें जीतीं। ओवैसी ने कहा कि यूपी में उनकी पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और गठबंधन पर अंतिम फैसला जल्द किया जाएगा।

UP Election 2027: अखिलेश ने कहा- सपा-कांग्रेस गठबंधन आगे बढ़ेगा

ओवैसी की पहल के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने 2 अक्टूबर को साफ किया कि सपा 2027 का विधानसभा चुनाव अपने मौजूदा सहयोगियों के साथ आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि सपा-कांग्रेस गठबंधन और INDIA गठबंधन को आगे ले जाया जाएगा। इस बयान के बाद AIMIM के साथ सपा के गठबंधन की संभावना फिलहाल कमजोर दिखाई देती है।

UP Election 2027: कांग्रेस में भी AIMIM को लेकर अलग-अलग राय

कांग्रेस की ओर से भी AIMIM के साथ गठबंधन को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन को जल्द अंतिम रूप दिया जाना चाहिए और AIMIM की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। वहीं कांग्रेस और सपा के बीच 2027 के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत का दौर जारी है।

यूपी में बड़ा चुनावी मैदान तैयार कर रही AIMIM

AIMIM ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी पहले ही बड़ी संख्या में विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत दे चुकी है और गठबंधन के विकल्प भी खुले रखे हैं। ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले ओवैसी की रणनीति और उनकी पार्टी की चुनावी भूमिका पर राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।

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