UP POLITICS: संसद के मानसून सत्र से पहले वंदे मातरम से जुड़े संभावित विधेयक की चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने सरकार पर अनावश्यक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुसलमान देश और जमीन के लिए जान दे सकते हैं, लेकिन किसी को पूजा करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
‘सुप्रीम कोर्ट भी जबरदस्ती के खिलाफ’
एसटी हसन ने कहा कि वंदे मातरम का विवाद नया नहीं, बल्कि अंग्रेजों के दौर से चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को राष्ट्रगान से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वंदे मातरम में भूमि की पूजा का भाव है, जो इस्लामिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले में किसी तरह की जबरदस्ती के खिलाफ टिप्पणी कर चुका है।
UP POLITICS: ‘पूजा करने के लिए मजबूर करना उचित नहीं’
उन्होंने कहा कि इस्लाम में केवल अल्लाह की इबादत की जाती है। देश और मातृभूमि के लिए जान कुर्बान की जा सकती है, लेकिन धार्मिक आस्था के विपरीत किसी को पूजा करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन
नीट और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे आंदोलन पर एसटी हसन ने कहा कि सोनम वांगचुक युवाओं के भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
UP POLITICS: कांवड़ यात्रा पर भी दी प्रतिक्रिया
कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और साथ ही आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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