UNESCO: यूनेस्को ने बुधवार को अपनी नई इंटैन्जिबल कल्चरल हेरिटेज (अमूर्त सांस्कृतिक विरासत) सूची जारी करते हुए दिवाली को भी इसमें शामिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक फैसले ने भारत भर में उत्साह बढ़ा दिया है। त्योहार को वैश्विक मान्यता मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारतीय सभ्यता की “आत्मा” बताया।
UNESCO: PM बोले यह हमारी संस्कृति की रोशनी है
दिवाली को अमूर्त धरोहर का दर्जा मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर बधाई देते हुए कहा कि भारत और दुनिया भर के लोग रोमांचित हैं। हमारे लिए, दीपावली हमारी संस्कृति और लोकाचार से बहुत गहराई से जुड़ी हुई है। यह हमारी सभ्यता की आत्मा है। यह प्रकाश और धार्मिकता का प्रतीक है। यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में दीपावली के शामिल होने से इस त्यौहार की वैश्विक लोकप्रियता और भी बढ़ जाएगी। प्रभु श्री राम के आदर्श हमें अनंत काल तक मार्गदर्शन करते रहें।
People in India and around the world are thrilled.
For us, Deepavali is very closely linked to our culture and ethos. It is the soul of our civilisation. It personifies illumination and righteousness. The addition of Deepavali to the UNESCO Intangible Heritage List will… https://t.co/JxKEDsv8fT
— Narendra Modi (@narendramodi) December 10, 2025
UNESCO: दिल्ली विशेष दीपावली समारोह की तैयारी
दिल्ली इस समय यूनेस्को की इंटर-गवर्नमेंटल कमेटी फॉर इंटैन्जिबल हेरिटेज की 20वीं बैठक की मेजबानी कर रही है, जो 8 से 13 दिसंबर तक चल रही है। इसी अवसर पर 10 दिसंबर को केंद्र और दिल्ली सरकार ने विशेष दीपावली समारोह मनाने की घोषणा की है। वही दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया है कि सभी सरकारी भवनों को रोशनी से सजाया जाएगा। दिल्ली हाट में खास कार्यक्रम होंगे। और लाल किले पर भव्य दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।विदेशी मेहमान पारंपरिक कला और संस्कृति के कार्यक्रम देखेंगे। मंगलवार की रात दिल्ली सचिवालय को भी तिरंगे रंगों से रोशन किया गया।
भारत की पहले से यूनेस्को की अमूर्त धरोहर की सूची
यूनेस्को की यह सूची उन सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजती है, जिन्हें छू नहीं सकते लेकिन अनुभव कर सकते हैं। इसमें भारत की कई प्राचीन परंपराएं पहले से शामिल है। जिनमें दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, छाऊ नृत्य, दिवाली के जोड़ के साथ अब भारत का सांस्कृतिक प्रभाव और मजबूत हुआ है। ये है यूनेस्को में शामिल अमूर्त धरोहर की लिस्ट

लाल किले पर होगा मुख्य आयोजन, रोशनी से जगमगाएगी राजधानी
UNESCO: सरकार ने लाल किले को समारोह का मुख्य स्थल चुना है। यहां दीप जलाने की रस्म, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक कला के कार्यक्रम आयोजित होंगे। राजधानी को सजाने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार को दी गई है, जो पूरे शहर में लाइटिंग, दीये और सांस्कृतिक मंच तैयार कर रही है। सरकार का उद्देश्य दिवाली के “अंधकार से प्रकाश की ओर” संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना है, जिससे भारत की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो सके।
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