Pakistan news: पाकिस्तान से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो न सिर्फ प्रेरणादायक है बल्कि संघर्ष और हौसले की मिसाल भी पेश करती है। अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के दो युवाओं जीवन रेबारी और खेम चंद जंदोरा ने देश की सबसे प्रतिष्ठित केंद्रीय उच्च सेवा (CSS) परीक्षा पास कर इतिहास रच दिया है।
परीक्षा का स्तर और आंकड़े
संघीय लोक सेवा आयोग (FPSC) द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार, इस बार देशभर से 12,792 उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा दी थी। इनमें से केवल 355 ही पास हो सके। आगे के चरणों के बाद कुल 170 उम्मीदवारों का अंतिम चयन हुआ, जिसमें जीवन रेबारी और खेम चंद जंदोरा भी शामिल हैं।
Pakistan news: संघर्ष भरी कहानी
इन दोनों युवाओं की सफलता के पीछे कड़ा संघर्ष छिपा है। रिपोर्ट के मुताबिक, खेम चंद जंदोरा के माता-पिता को उनकी पढ़ाई के लिए भारी ब्याज पर कर्ज लेना पड़ा और यहां तक कि गहने भी बेचने पड़े। वहीं, जीवन रेबारी को संसाधनों की कमी के कारण गुरुद्वारे में रहकर लंगर के सहारे अपनी पढ़ाई जारी रखनी पड़ी।
Pakistan news: अल्पसंख्यकों के लिए चुनौती
आंकड़ों के अनुसार, CSS में अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित 123 सीटें अभी भी खाली हैं, जो यह दिखाता है कि इस समुदाय के लिए आगे बढ़ने की राह कितनी कठिन है। ऐसे में जीवन और खेम चंद की सफलता और भी खास बन जाती है।
प्रेरणा की मिसाल
Pakistan news: इन दोनों युवाओं की कहानी यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समुदाय के लिए गर्व की बात है।
ये भी पढ़े: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत, LPG से भरा MT सर्व शक्ति सुरक्षित होर्मुज पार








