Mamata Banerjee: केंद्र सरकार और पश्चिम बंगाल के बीच मनरेगा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। केंद्र के नए आदेश के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क उठीं और कूचबिहार की जनसभा में मंच से ही आदेश की प्रति फाड़ दी। उन्होंने इसे बेकार और अपमानजनक बताते हुए साफ कहा कि बंगाल “दिल्ली की खैरात” नहीं मांगेगा।
क्या है केंद्र का नया आदेश
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर 6 दिसंबर को नोट जारी करते हुए घोषणा की कि महात्मा गांधी नरेगा योजना को पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। यह जानकारी राज्य सरकार को भी भेजी गई।केंद्र ने MGNREGA (2005) की धारा 27 के तहत 9 मार्च 2022 से बंगाल को फंड रोक रखा था, यह तर्क देते हुए कि राज्य ने कई निर्देशों का पालन नहीं किया।
Mamata Banerjee: यह कागज का टुकड़ा बेकार: ममता
कूचबिहार में रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र का आदेश “अमानवीय और अपमानजनक” है। उन्होंने कहा,“हमें केंद्र से पत्र मिला कि 6 दिसंबर से तिमाही लेबर बजट जमा करना होगा। यह कागज का टुकड़ा बेकार है। बंगाल किसी भी खैरात पर नहीं चलता।” उन्होंने आगे घोषणा की कि राज्य सरकार की कर्मश्री योजना के तहत अब 70 की बजाय 100 दिन का रोजगार दिया जाएगा।
केंद्र की शर्तें और बंगाल की आपत्तियाँ
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि 20 लाख रुपये से अधिक अनुमानित लागत वाले किसी भी काम को मंजूरी नहीं मिलेगी।राज्य सरकार का कहना है कि इतने कठोर नियमों से विकास कार्य प्रभावित होंगे तथा लाखों मजदूरों को समय पर रोजगार नहीं मिल सकेगा। केंद्र का तर्क है कि पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जी लाभार्थियों को रोकने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य करना जरूरी है।
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