Amit Shah in Bengal: अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में हिंदू शरणार्थियों को लेकर बड़ा आश्वासन दिया है। दक्षिण 24 परगना जिले के रायदीघी में भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण पड़ोसी देशों से पश्चिम बंगाल आए किसी भी हिंदू शरणार्थी को न तो निर्वासित किया जाएगा और न ही उसकी भारतीय नागरिकता छीनी जाएगी।
मतुआ समुदाय की चिंताओं के बीच बयान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान खास तौर पर मतुआ समुदाय की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। यह समुदाय मुख्यतः बांग्लादेश से आकर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना और नादिया जिलों में बसा है। हाल ही में मतदाता सूची की न्यायिक जांच की खबरों के बाद समुदाय के बीच नाम हटाए जाने की आशंका को लेकर चिंता बढ़ी थी। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से यह समुदाय भाजपा के लिए अहम वोट बैंक माना जाता है।
Amit Shah in Bengal: घुसपैठियों पर सख्ती का संकेत
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जहां हिंदू शरणार्थियों के हितों की रक्षा की जाएगी, वहीं अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर करने की प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए 5,700 करोड़ का वादा
सभा में शाह ने घोषणा की कि यदि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में महिला सशक्तिकरण के लिए 5,700 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों की सुरक्षा, गरिमा और आर्थिक मजबूती के लिए नई योजनाएं लागू की जाएंगी।
Amit Shah in Bengal: कर्मचारियों और भ्रष्टाचार पर भी बोले
उन्होंने राज्य सरकार के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन संरचना लागू करने का आश्वासन दिया और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। साथ ही, राज्य में पिछले वर्षों के भ्रष्टाचार मामलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा भी किया। सभा में शाह ने कानून-व्यवस्था मजबूत करने और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई की भी बात दोहराई।
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