Indore Rajabada Fire Tragedy: इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित एक कॉलोनी में बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। एक घर में खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करते समय शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे आग लग गई। इस आग में 6 लोगों की जलकर मौत हो गई।
शॉर्ट सर्किट से भड़की भीषण आग
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, पुगलिया परिवार के घर के बाहर देर रात इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे कार में आग लग गई। आग तेजी से बढ़ती हुई घर तक पहुंच गई और वहां रखे करीब 15 गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया।

जैसे ही आग सिलेंडरों तक पहुंची, उनमें धमाके होने लगे। थोड़ी ही देर में 4 गैस सिलेंडर एक-एक करके फट गए, जिससे पूरे इलाके में जोरदार धमाके सुनाई दिए। धमाका इतना तेज था कि घर का एक हिस्सा गिर गया। अंदर सो रहे लोगों को बचने का मौका तक नहीं मिल पाया।
उस समय घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसलिए कई रिश्तेदार भी वहीं रुके हुए थे। इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
Indore Rajabada Fire Tragedy: चार्जिंग पॉइंट बना हादसे की वजह
इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज हो रहा था और उसका चार्जिंग पॉइंट फट गया। इसके बाद आग कार से घर के अंदर फैल गई। घर में 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिनमें से कुछ में विस्फोट हुआ। इस हादसे में 6 लोगों की जान गई है और 3 लोगों को घायल हालत में अस्पताल पहुंचाया गया है। यह मकान मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे। घर में कुछ ज्वलनशील केमिकल भी रखे हुए थे, जिससे आग और तेजी से फैल सकती है।

हादसे में जान गंवाने वाले लोग:
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विजय सेठिया (65 वर्ष)
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छोटू सेठिया (22 वर्ष)
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सुमन (60 वर्ष)
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मनोज (65 वर्ष)
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सिमरन (30 वर्ष)
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राशि सेठिया (12 वर्ष)
घायल लोग:
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सौरभ पुगलिया (30 वर्ष)
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आशीष (30 वर्ष)
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हर्षित पुगलिया (25 वर्ष)

सुबह 4 बजे लगी आग, 6 मौतें
पुलिस कमिश्नर के अनुसार, तिलक नगर थाना क्षेत्र में सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल टीम मौके पर पहुंची और लगातार आग बुझाने का काम किया। यह तीन मंजिला मकान था, जहां मनोज सेठिया का परिवार रहता था। शुरुआती बचाव कार्य में 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 6 लोगों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घर के बाहर चार्ज हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन के चार्जिंग पॉइंट में विस्फोट हुआ, जिससे आग लगी। यह आग पहले गाड़ी में फैली और फिर धीरे-धीरे पूरे घर में फैल गई।
इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने मुसीबत
एक और बड़ी समस्या यह रही कि घर में इलेक्ट्रॉनिक लॉक लगे हुए थे। आग लगने के दौरान बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे ये लॉक काम नहीं कर पाए और दरवाजे नहीं खुल सके। इस वजह से अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना मुश्किल हो गया। बाद में दरवाजे तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा। माना जा रहा है कि घर में रखे गैस सिलेंडरों में आग लगने के कारण ही धमाके हुए, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए।







