Donald Trump: मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने कतर पर दोबारा हमला किया, तो अमेरिका ईरान के दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र, साउथ पार्स (South Pars) को पूरी तरह तबाह कर देगा।
कतर पर मिसाइल हमले से भड़का अमेरिका
हाल ही में ईरान ने कतर के एक प्रमुख प्राकृतिक गैस संयंत्र पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था, जिससे वहां भीषण आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। यह हमला असल में इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स क्षेत्र पर किए गए हमले का प्रतिशोध था। इस जवाबी कार्रवाई के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए ईरान को सीधे अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
Donald Trump: ऊर्जा बाजारों में हड़कंप, तेल की कीमतों में भारी उछाल
ईरान और इजरायल के बीच जारी इस जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। खाड़ी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों के डर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष और बढ़ा, तो पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें दुनिया भर में महंगाई का नया रिकॉर्ड बना सकती हैं।
Donald Trump:होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कब्जा, वैश्विक सप्लाई ठप
28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद से ही ईरान लगातार पड़ोसी देशों की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बना रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है। बता दें कि दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसके अलावा, ईरान और हिजबुल्लाह मिलकर इजरायल पर लगातार ड्रोन और मिसाइलें दाग रहे हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली तबाही की पोल
ताजा सैटेलाइट तस्वीरो से खुलासा हुआ है कि ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अल धाफरा हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुँचाया है। ‘एयरबस डिफेंस एंड स्पेस’ द्वारा जारी तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि हवाई अड्डे के उत्तर-पश्चिम में स्थित कई हैंगर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित एक हैंगर आग की भेंट चढ़ चुका है। यहाँ करीब 2,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो F-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स का संचालन करते हैं।
अमेरिका की भूमिका पर सवाल
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका को इजरायल के हमले की पहले से जानकारी नहीं थी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वॉशिंगटन को इजरायल की रणनीतिक योजना के बारे में पता था, भले ही अमेरिकी सेना ने प्रत्यक्ष रूप से उस हमले में हिस्सा न लिया हो। कतर ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी दूतावास के अधिकारियों को देश छोड़ने का फरमान सुना दिया है।
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