Israel Iran Conflict: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का आज 25वां दिन है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई हो रही है। इसी बीच ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर मिसाइलें दाग दीं। हमलों के खतरे को देखते हुए इजरायल के कई शहरों में चेतावनी के लिए सायरन बजाए गए।
दूसरी ओर ईरान के इस्फहान में मौजूद नेचुरल गैस से जुड़ा ढांचा और खोर्रमशहर पावर प्लांट की गैस पाइपलाइन पर भी हमला हुआ है। इन दोनों जगहों पर एयरस्ट्राइक की खबर सामने आई है, लेकिन अभी तक इजरायल या अमेरिका में से किसी ने भी इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

ट्रंप के दावे पर ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी ईरान के एक सम्मानित नेता से बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए दी गई समयसीमा को पांच दिन और बढ़ा दिया गया है।हालांकि ईरान ने ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि ट्रंप झूठी खबर फैला रहे हैं और उनके साथ किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है।
Israel Iran Conflict: नेतन्याहू का बयान,”हमले जारी रहेंगे”
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत हुई है।नेतन्याहू के मुताबिक ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना की हाल की सफलताओं का फायदा उठाकर एक ऐसी डील की जा सकती है जिससे युद्ध के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इजरायल ईरान और उसके सहयोगी लेबनान के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा। उनका कहना है कि इजरायल का लक्ष्य ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करना है।
युद्ध के बीच अलग-अलग संकेत
एक तरफ जहां ट्रंप समझौते की संभावना की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजरायल और ईरान दोनों ही हमले रोकने के संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

Israel Iran Conflict: ईरान के ऊर्जा ढांचे पर एयरस्ट्राइक
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी एक अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने मंगलवार तड़के जानकारी दी कि दो ऊर्जा केंद्रों पर हवाई हमले हुए हैं। पहले हमले में इस्फहान में मौजूद नेचुरल गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। वहीं दूसरे हमले में खोर्रमशहर बिजली संयंत्र को गैस पहुंचाने वाली पाइपलाइन को टारगेट किया गया।
सऊदी अरब ने हवा में ही गिराए ड्रोन
मंगलवार सुबह ईरान की ओर से सऊदी अरब पर ड्रोन हमला करने की कोशिश भी की गई।सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उनकी सेना ने देश के तेल-समृद्ध पूर्वी इलाके की ओर बढ़ रहे कम से कम 19 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। इन ड्रोन का निशाना तेल उत्पादन वाले क्षेत्र थे।
दक्षिण कोरिया पर भी दिख रहा युद्ध का असर
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब दूसरे देशों पर भी दिखाई देने लगा है। दक्षिण कोरिया इसका उदाहरण है, क्योंकि वह अपने अधिकतर ईंधन के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है।स्थिति को देखते हुए दक्षिण कोरिया सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में कम से कम एक दिन कार का इस्तेमाल न करने का नियम लागू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही ईंधन की कीमतों पर लगी सीमा को भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।







