RAJYA SABHA IN MODI: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात भारत के लिए “सबसे बड़ी परीक्षा” बन सकते हैं। पीएम ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच टकराव लंबा चलता है, तो इसके वैश्विक स्तर पर व्यापक और दूरगामी दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
‘टीम इंडिया’ की तरह काम करने की अपील
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को “टीम इंडिया” की तरह मिलकर काम करना होगा। उन्होंने राज्यों से खास तौर पर अपील की कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्ती से कार्रवाई करें, ताकि आम नागरिकों, विशेषकर गरीब और श्रमिक वर्ग पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
RAJYA SABHA IN MODI: होर्मुज में फंसे जहाज, बढ़ी चिंता
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अहम समुद्री मार्ग में कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय क्रू भी शामिल है। यह स्थिति भारत के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इसी रास्ते से तेल, गैस और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की बड़ी आपूर्ति होती है। मौजूदा तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।
ऊर्जा संकट का असर
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट ने पूरी दुनिया में ऊर्जा अस्थिरता पैदा कर दी है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर की आपूर्ति पर असर पड़ा है। हालांकि, सरकार ने समय रहते कदम उठाते हुए ऊर्जा आयात के स्रोतों का विस्तार किया है। अब भारत 27 की जगह 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति में लचीलापन आया है।
RAJYA SABHA IN MODI: सरकार की तैयारी और निगरानी
प्रधानमंत्री ने बताया कि हालात की निगरानी के लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल और एम्पावर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। ये समूह आयात-निर्यात, ऊर्जा आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नजर रख रहे हैं। साथ ही किसानों के लिए खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है।
भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता
पीएम मोदी ने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। भारत लगातार संबंधित देशों के संपर्क में बना हुआ है।
RAJYA SABHA IN MODI: लोकसभा में भी दिया था संदेश
इससे एक दिन पहले लोकसभा में भी प्रधानमंत्री ने करीब 25 मिनट के अपने संबोधन में कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रह सकता है। उन्होंने देशवासियों से हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया और कोरोना काल का उदाहरण देते हुए एकजुटता पर जोर दिया।
कूटनीति ही समाधान
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत इस संकट का समाधान युद्ध में नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति के जरिए देखता है। उन्होंने कहा कि अगर हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। ऐसे में धैर्य, संयम और एकजुटता ही इस चुनौती से निपटने का सबसे प्रभावी रास्ता है।
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/NAcbZLZq7P
— Narendra Modi (@narendramodi) March 24, 2026
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