UP ENCOUNTER: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर सख्त अभियान शुरू कर दिया है। बीते 48 घंटों में राज्य के अलग-अलग जिलों में 35 पुलिस मुठभेड़ हुईं, जिनमें तीन इनामी बदमाश मारे गए जबकि 36 आरोपी घायल हुए हैं। इसके अलावा 60 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद प्रदेश में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ कहा है कि प्रदेश में संगठित अपराध और बदमाशों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा।
16 जिलों में चला पुलिस का बड़ा अभियान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक 6 और 7 मई के बीच मुजफ्फरनगर, मथुरा, हरदोई, बरेली, वाराणसी और अमेठी समेत कुल 16 जिलों में मुठभेड़ की घटनाएं हुईं। इनमें सबसे ज्यादा सात मुठभेड़ मुजफ्फरनगर जिले में दर्ज की गईं। यहां पुलिस कार्रवाई के दौरान 10 बदमाश गोली लगने से घायल हुए। पुलिस का कहना है कि अधिकांश मामलों में आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे और पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई बदमाशों के पैरों में गोली लगी। इस अभियान के दौरान चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
UP ENCOUNTER: मथुरा और हरदोई में ढेर हुए इनामी बदमाश
मथुरा में पुलिस ने बावरिया गैंग के दो बदमाशों पप्पू उर्फ राजेंद्र और धर्मवीर उर्फ लंबू को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार ये आरोपी राजस्थान के रहने वाले थे और हाल ही में एक परिवार को बंधक बनाकर डकैती डालने के मामले में वांछित चल रहे थे। इनके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं हरदोई में सात वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के आरोपी मैनूर उर्फ मेहनुद्दीन को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। उस पर भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज थे।
अपराध के खिलाफ सख्ती जारी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी जिले में अपराधियों को बख्शा न जाए। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस कार्रवाई के दौरान 272 अपराधी मारे जा चुके हैं, जबकि 11 हजार से अधिक बदमाश घायल हुए हैं। गैंगस्टर एक्ट के तहत 85 हजार से ज्यादा आरोपियों पर कार्रवाई की गई है, जबकि 977 लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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