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2050 तक दोगुने हो सकते हैं कैंसर के मरीज, WHO ने बताई 5 बड़ी वजहें

WHO रिपोर्ट: 2050 तक दोगुने होंगे कैंसर मरीज

WHO Cancer Report: कैंसर के आंकड़े डराने वाले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की “Global Status Report on Cancer 2026” के अनुसार, अगले 25 साल में दुनिया भर में कैंसर के नए मामले लगभग दोगुने हो सकते हैं। रिपोर्ट कहती है कि 2050 तक हर साल 3.5 करोड़ से ज्यादा नए मरीज सामने आ सकते हैं। यानी 2024 के मुकाबले मामलों में करीब 70 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है।

बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती आबादी सबसे बड़ी वजह

WHO ने इसकी सबसे बड़ी वजह हमारी बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ती आबादी को बताया है। तंबाकू और शराब का सेवन अब भी कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा मोटापा, कम शारीरिक गतिविधि और गलत खानपान भी तेजी से खतरा बढ़ा रहे हैं। शहरों में बढ़ता तनाव, प्रोसेस्ड फूड और एक्सरसाइज की कमी ने स्थिति को और मुश्किल बना दिया है।

बढ़ती उम्र के साथ बढ़ेगा कैंसर का खतरा

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आबादी बढ़ने के साथ 60 साल से ऊपर के लोगों की संख्या ज्यादा होगी। उम्र बढ़ने के साथ कैंसर का जोखिम भी बढ़ता है, इसलिए मामले अपने आप बढ़ेंगे। 2024 में ही कैंसर से लगभग 1 करोड़ लोगों की मौत हुई थी और हर दिन करीब 26 हजार लोग इस बीमारी से जान गंवा रहे हैं।

WHO Cancer Report:  WHO रिपोर्ट, 2050 तक दोगुने होंगे कैंसर मरीज
WHO रिपोर्ट: 2050 तक दोगुने होंगे कैंसर मरीज
बचाव पर ध्यान देना है सबसे जरूरी

WHO का कहना है कि घबराने के बजाय बचाव पर ध्यान देना जरूरी है। संगठन के अनुसार, करीब 40 फीसदी कैंसर को रोका जा सकता है। सबसे पहले तंबाकू और शराब से दूरी बनानी होगी। इसके साथ बैलेंस डाइट, रोजाना 30 मिनट की एक्सरसाइज और वजन को कंट्रोल में रखना मदद करेगा।

समय पर जांच से बच सकती है जान

समय पर जांच भी जान बचा सकती है। महिलाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन और ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग जरूरी है। पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए कोलन और ओरल कैंसर की नियमित जांच फायदेमंद है। अगर लक्षण शुरुआत में ही पकड़ में आ जाएं, तो इलाज के चांस काफी बढ़ जाते हैं। शरीर में कोई भी असामान्य गांठ, लंबे समय तक खांसी, वजन घटना या खून आना जैसी बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सरकारों और लोगों, दोनों की जिम्मेदारी

WHO ने सरकारों से अपील की है कि वे स्क्रीनिंग, वैक्सीनेशन और जागरूकता पर ज्यादा खर्च करें। साथ ही तंबाकू और शराब पर सख्त नीति और हेल्दी खाना आसान बनाना भी जरूरी है।

डॉक्टरों का मानना है कि मेडिकल साइंस अब पहले से कहीं आगे है। पहले जिन कैंसर को लाइलाज माना जाता था, आज उनका इलाज संभव है। लेकिन इलाज से ज्यादा जरूरी रोकथाम है। आदतें सुधारें, स्क्रीनिंग कराएं और शरीर के संकेतों को समझें, तभी 2050 के इस बड़े आंकड़े को रोका जा सकेगा।

Written by – Mansi Sharma

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