Jammu Kashmir Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में शनिवार रात बादल फटने और भारी बारिश के बाद बाढ़ व भूस्खलन से हालात गंभीर हो गए। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन, NDRF और अन्य बचाव एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
Jammu Kashmir Cloudburst: पुंछ में मलबे से 2 साल के मासूम समेत 5 शव मिले-
पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया। हादसे के समय घर में आठ लोग मौजूद थे। बचाव दल ने मलबे से 2 साल के मासूम सहित पांच लोगों के शव बरामद किए हैं।
Jammu Kashmir Cloudburst: किश्तवाड़ और राजौरी में बाढ़ जैसे हालात-
किश्तवाड़ के सुर्नू इलाके में बादल फटने से कई घरों और खेतों को नुकसान पहुंचा। वहीं राजौरी में भारी बारिश के बाद धारहाल नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे करीब 200 से 250 वाहन बह गए। राजौरी में फ्लैश फ्लड के कारण एक महिला के लापता होने की भी सूचना है।
अमरनाथ यात्रा रोकी गई, श्रद्धालु फंसे-
खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी है। इसके चलते कई श्रद्धालु रास्ते में फंस गए हैं और विभिन्न मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यात्रा दोबारा कब शुरू होगी, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
नगालैंड में लैंडस्लाइड, 4 की मौत-
नगालैंड के मोन जिले में रविवार सुबह हुए भूस्खलन में 10 से 15 घर दब गए। NDRF, असम राइफल्स और नगालैंड पुलिस ने राहत अभियान चलाकर अब तक चार शव बरामद किए हैं। कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
अरुणाचल और उत्तराखंड में भी मौसम का कहर-
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1.49 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भूस्खलन के कारण कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था धारचूला बेस कैंप में रोक दिया गया है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी घोड़े-खच्चरों की सेवाएं फिलहाल बंद हैं।
गृह मंत्री अमित शाह ने लिया हालात का जायजा-
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
बादल फटना क्या होता है-
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यदि 20 से 30 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में एक घंटे या उससे कम समय में 100 मिमी या उससे अधिक बारिश हो जाए, तो उसे बादल फटना कहा जाता है। यह घटना पहाड़ी इलाकों में अधिक होती है, जहां नमी से भरी हवाएं पहाड़ों से टकराकर अचानक अत्यधिक वर्षा का कारण बनती हैं।
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