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Ajinkya Rahane: अजिंक्य रहाणे ने क्यों लिया संन्यास? खुद कैमरे के सामने आकर खोला राज, बताई आगे की पूरी कहानी

Ajinkya Rahane: अजिंक्य रहाणे ने क्यों लिया संन्यास? खुद कैमरे के सामने आकर खोला राज, बताई आगे की पूरी कहानी

Ajinkya Rahane: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद अपनी जिंदगी की अगली पारी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। मैदान पर अपनी शांत बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे अब क्रिकेट से पूरी तरह दूर होने के बजाय इस खेल से जुड़े रहना चाहते हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में वह दुनियाभर की टी20 लीग में खेलना चाहते हैं और इसके साथ ही कोचिंग तथा मेंटरशिप में भी अपना करियर बनाने की तैयारी कर रहे हैं।इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद रहाणे यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) से जुड़ चुके हैं। वह इस लीग में एम्सटर्डम फ्लेम्स की ओर से खेलते नजर आएंगे। लीग में अपने डेब्यू से पहले रहाणे ने अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात की और बताया कि वह अपने लंबे क्रिकेट करियर से मिले अनुभव को सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखना चाहते।

‘मैं अपने अनुभव को किसी छोटे दायरे तक सीमित नहीं रखना चाहता’

रहाणे ने कहा कि एक क्रिकेटर के तौर पर वह हमेशा बड़े स्तर पर सोचने में विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि क्रिकेट से मिले अनुभव को वैश्विक स्तर पर साझा किया जाना चाहिए। वह किसी एक लीग तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में क्रिकेट खेलकर अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरे खिलाड़ियों तक पहुंचाना चाहते हैं।रहाणे के मुताबिक, दुनिया की अलग-अलग लीग में खेलने से उन्हें भी नए खिलाड़ियों, नई परिस्थितियों और क्रिकेट के अलग-अलग तरीकों को समझने का मौका मिलेगा। उनका मकसद सिर्फ मैदान पर रन बनाना नहीं, बल्कि अपने अनुभव के जरिए खेल और युवा खिलाड़ियों के लिए योगदान देना भी है।

Ajinkya Rahane: कोचिंग में भी हाथ आजमाना चाहते हैं रहाणे

रहाणे ने अपने भविष्य के दूसरे बड़े लक्ष्य के तौर पर कोचिंग और मेंटरशिप को चुना है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि एक खिलाड़ी के तौर पर जिस तरह की परिस्थितियों से वह खुद गुजर चुके हैं, उसका फायदा उन्हें भविष्य में खिलाड़ियों को तैयार करने में मिलेगा।रहाणे का मानना है कि किसी खिलाड़ी की तकनीक सुधारने के साथ-साथ उसकी मानसिकता को समझना भी बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि वह खिलाड़ियों की सोच और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि अपने करियर में वह खुद कई उतार-चढ़ाव और मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर चुके हैं। यही अनुभव भविष्य में उन्हें एक बेहतर कोच और मेंटर बनने में मदद कर सकता है।

Ajinkya Rahane:‘मैं एक बेहतरीन कोच बनूंगा’

कोचिंग को लेकर अपने आत्मविश्वास का इजहार करते हुए रहाणे ने कहा कि उन्हें लगता है कि वह एक अच्छे कोच और मेंटर साबित हो सकते हैं। उनके मुताबिक कोचिंग सिर्फ क्रिकेट की तकनीक सिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मैन-मैनेजमेंट और मेंटरशिप की भी बड़ी भूमिका होती है।रहाणे ने हालांकि यह भी साफ किया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान क्रिकेट खेलने पर है। खेल के प्रति उनका जुनून अभी कम नहीं हुआ है और वह मैदान पर उतरकर अपना अनुभव साझा करना चाहते हैं। लेकिन भविष्य में जब वह पूरी तरह कोचिंग की ओर बढ़ेंगे, तो उन्हें भरोसा है कि एक खिलाड़ी के तौर पर हासिल किया गया लंबा अनुभव नई पीढ़ी के क्रिकेटरों को तैयार करने में काफी काम आएगा।

संन्यास के बाद भी क्रिकेट से जुड़ा रहेगा रहाणे का सफर

अजिंक्य रहाणे के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास किसी अंत की तरह नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत की तरह नजर आ रहा है। दुनियाभर की टी20 लीग में खेलने की इच्छा और भविष्य में कोचिंग व मेंटरशिप से जुड़ने की योजना बताती है कि रहाणे अभी क्रिकेट को और बहुत कुछ देना चाहते हैं। मैदान पर अपने अनुभव के बाद अब वह आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ अपना ज्ञान साझा करने की तैयारी में हैं। ऐसे में रहाणे की क्रिकेट की यह नई पारी भी उनके इंटरनेशनल करियर की तरह ही दिलचस्प रहने वाली है।

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