PM Modi: शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने महिला आरक्षण और निष्पक्ष एवं समान परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार के प्रस्ताव का समर्थन किया है। पार्टी का यह रुख अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद सामने आया है। ऐसे में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले SAD और BJP के बीच फिर से राजनीतिक नजदीकी बढ़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, दोनों दलों की ओर से अभी गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
महिला आरक्षण और परिसीमन पर SAD ने रखा पक्ष
सुखबीर सिंह बादल ने वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद कहा कि SAD महिला आरक्षण विधेयक को जल्द लागू करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि पार्टी सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेती है, जिसमें महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों पर जोर दिया गया है। SAD ने निष्पक्ष और समान परिसीमन की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। बादल के मुताबिक, केंद्र से सभी राज्यों में सीटों की संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की गई है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी SAD के महिला आरक्षण और परिसीमन संबंधी रुख का स्वागत किया है।
PM Modi: 2020 में टूटा था BJP-SAD गठबंधन
BJP और SAD कभी पंजाब की राजनीति में प्रमुख गठबंधन के रूप में लंबे समय तक साथ रहे थे। हालांकि, कृषि कानूनों को लेकर मतभेद के बाद अकाली दल ने वर्ष 2020 में NDA से अलग होने का फैसला किया था। केंद्र सरकार ने बाद में 2021 में तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया था। इसके बावजूद दोनों दलों के रिश्ते सामान्य होने में समय लगा। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में BJP और SAD दोनों को बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ, जबकि आम आदमी पार्टी ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई। अब बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच दोनों दलों के संभावित साथ आने की चर्चा फिर शुरू हो गई है।
पंजाब चुनाव से पहले गठबंधन की चर्चा तेज
सुखबीर बादल और पीएम मोदी की मुलाकात के बाद गठबंधन की अटकलों ने जोर पकड़ा है। हालांकि, पंजाब BJP नेतृत्व ने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी बैठक को लेकर इतना ही कहा कि दोनों नेता मिले हैं। वहीं, वरिष्ठ SAD नेता सिकंदर सिंह मलूका ने व्यक्तिगत राय रखते हुए कहा कि पंजाब के मौजूदा हालात में SAD-BJP गठबंधन की जरूरत है। उन्होंने साफ किया कि गठबंधन की शर्तों पर फैसला पार्टी विचार-विमर्श के बाद ही करेगी। फिलहाल दोनों दलों की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन चुनाव से पहले यह मुलाकात पंजाब की सियासत में नए समीकरणों के संकेत जरूर दे रही है।
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