PhonePe: UPI भुगतान को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही शुल्क की चर्चाओं के बीच डिजिटल पेमेंट यूजर्स के लिए राहत की खबर सामने आई है। PhonePe के संस्थापक और CEO समीर निगम ने स्पष्ट किया है कि भारतीय ग्राहकों से UPI लेनदेन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि UPI भारतीय उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त है और आगे भी मुफ्त रहेगा। वहीं, छोटे दुकानदारों और कारोबारियों के लिए भी UPI पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट नहीं लगाए जाने की बात कही गई है।
PhonePe CEO ने शुल्क पर किया साफ
समीर निगम ने UPI शुल्क को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सोशल मीडिया पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारतीय ग्राहकों को UPI के जरिए भुगतान करने के लिए किसी तरह का लेनदेन शुल्क नहीं देना होगा। उनके बयान से उन ग्राहकों को राहत मिली है, जो हाल में UPI ट्रांजेक्शन पर संभावित शुल्क की खबरों को लेकर चिंतित थे। PhonePe के मुताबिक, डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करने वाले आम उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
PhonePe: कानून में बदलाव के बाद क्यों उठे सवाल?
UPI शुल्क को लेकर चर्चा तब तेज हुई, जब लोकसभा ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में संशोधन से जुड़ा विधेयक पारित किया। संशोधन के तहत बैंकों और अन्य भुगतान सेवा प्रदाताओं को UPI और कुछ अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों पर शुल्क लगाने की व्यवस्था का रास्ता खुल सकता है। इसी के बाद यह सवाल उठने लगा था कि क्या भविष्य में UPI इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को भुगतान करना पड़ेगा। हालांकि, मौजूदा स्थिति में ग्राहकों से शुल्क लेने की बात नहीं है।
छोटे दुकानदारों को भी बड़ी राहत
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी स्पष्ट किया है कि छोटे व्यापारी और किराना दुकानदार UPI भुगतान स्वीकार करने पर MDR का भुगतान नहीं करेंगे। इसका मतलब है कि छोटे कारोबारियों के लिए UPI से भुगतान लेना फिलहाल मुफ्त बना रहेगा। संगठन के अनुसार, चर्चा का मुख्य विषय UPI के पीछे मौजूद डिजिटल भुगतान ढांचे को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखने का मॉडल तैयार करना है।
PhonePe: UPI के भविष्य को लेकर क्या है योजना?
UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इसके बुनियादी ढांचे और संचालन की लागत को लंबे समय तक बनाए रखना एक अहम मुद्दा बन गया है। सरकार और भुगतान उद्योग इसी व्यवस्था को टिकाऊ बनाने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल ग्राहकों और छोटे व्यापारियों के लिए संदेश साफ है कि UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं देना होगा और डिजिटल लेनदेन की सुविधा मुफ्त जारी रहेगी।








