Jharkhand Students Protest: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC-CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को बड़े प्रदर्शन में बदल गया। हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा का घेराव करने के लिए सड़क पर उतरे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग के साथ वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि लाठीचार्ज में कई छात्रों के घायल होने की खबर है।
Jharkhand Students Protest: 5 हजार से ज्यादा छात्र विधानसभा मार्च में शामिल-
छात्र सुबह करीब 9 बजे रांची के मोरहाबादी मैदान से विधानसभा घेराव के लिए निकले। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 5 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी छात्र जुटे थे। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करना और कुछ JPSC परीक्षाओं की CBI जांच कराना शामिल है।
Jharkhand Students Protest: सरकार से तीसरे दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा-
छात्र प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के बीच बातचीत के कई दौर हुए, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बन सकी। सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं। सरकार की ओर से 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और उससे जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच कराने पर सहमति जताई गई है। हालांकि, JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर सरकार पीछे हटती नजर आई।
विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा-
प्रदर्शन को देखते हुए रांची में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से विधानसभा तक कई जगह बैरिकेडिंग की गई थी। पूरे रास्ते में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों से निगरानी की गई। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने पर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, पुलिस ने वाटर कैनन चलाया-
विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों ने रास्ते में लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड पार कर लिए और विधानसभा परिसर की ओर बढ़े। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया।
लाठीचार्ज में कई छात्र घायल-
मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायल छात्र विक्रम कुमार ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे और अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस कार्रवाई का विरोध किया गया है।
आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए-
विधानसभा के आसपास प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा या उपद्रव की स्थिति पैदा होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अनशनकारी देवेंद्र महतो भी पहुंचे विधानसभा मार्च में-
छात्र आंदोलन में भूख हड़ताल कर रहे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत कमजोर होने के बावजूद उन्हें भी प्रदर्शन में शामिल किया गया। उन्हें एंबुलेंस के जरिए मार्च तक लाया गया और बाद में छात्रों ने उन्हें स्ट्रेचर समेत अपने कंधों पर उठाया। इस दौरान उन्होंने तिरंगा लहराया और छात्रों ने उनका फूल बरसाकर स्वागत किया।
जयराम महतो ने छात्रों से की मुलाकात-
डुमरी विधायक जयराम महतो विधानसभा से निकलकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे। उन्होंने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने की बात कही। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। जयराम महतो ने कहा कि वह छात्रों की आवाज विधानसभा में उठाएंगे।
JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा-
छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वहीं, JPSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर जांच भी जारी है। 14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने भी केस दर्ज किया है और झारखंड CID से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू करने को कहा है।
पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते गिरफ्तार-
विधानसभा घेराव के बीच झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते को CID ने गिरफ्तार किया है। उन पर 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि परीक्षा आयोजित कराने के लिए ब्लैकलिस्ट की गई कंपनी TDPL को पैनल में शामिल किया गया था। मामले में जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानीं, छात्र CGL पर अड़े-
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। उनके मुताबिक, विवाद मुख्य रूप से उस मांग पर है जिसे सरकार के लिए अदालत के आदेश के बिना पूरा करना संभव नहीं है। वहीं, छात्र नेताओं का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आगे क्या होगा-
रांची में छात्रों का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ सरकार बातचीत और जांच के जरिए समाधान निकालने की बात कह रही है, वहीं प्रदर्शनकारी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। विधानसभा परिसर के आसपास तनाव के बीच प्रशासन की निगरानी जारी है।
यह भी पढ़े-दो-तिहाई बहुमत के लिए NDA को कितने वोट चाहिए? FCRA बिल पर नरमी के पीछे क्या है गणित








